फाल्गुन माह को भगवान श्रीकृष्ण का प्रिय महीना माना जाता है। इन्हीं में से एक फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की आमलकी एकादशी जिसे रंगभरी एकादशी के नाम से जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के साथ-साथ भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का भी विधान है। आइए आपको बताते हैं फाल्गुन माह में कब मनाई जाएगी Rangbhari Ekadashi, क्या है इसका शुभ मुहूर्त और महत्व।
रंगभरी एकादशी कब है?
फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की रंगभरी एकादशी का शुभारंभ 19 मार्च, दिन मंगलवार को रात 12 बजकर 22 मिनट पर होगा। वहीं, इसका समापन 20 मार्च, दिन बुधवार को रात 2 बजकर 23 मिनट पर होगा। दरअसल, उदया तिथि के अनुसार, रंगभरी एकादशी का व्रत 20 मार्च को रखा जाएगा।
Rangbhari Ekadashi का शुभ मुहूर्त
ज्योतिष के अनुसार, रंगभरी एकादशी के दिन पुष्य नक्षत्र पड़ रहा है। ऐसे में पूजा करने का शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 25 मिनट से आरंभ होगा। इसका समापन सुबह 9 बजकर 27 मिनट पर होगा। वहीं पूजा करने का समय कुल 3 मिनट तक रहेगा। इस दौरान पूजा करना शुभ और लाभदायक रहेगा।
एकादशी का महत्व
इस एकादशी के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का विधान है। हिंदू मान्यता के अनुसार इस दिन कैलाश पर्वत पर भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती ने होली खेली थी। इसके साथ ही यह माना जाता है कि इसी दिन माता पार्वती का गौना हुआ था। ऐसे में इनकी पूजा अवश्य करनी चाहिए।
रंगभरी एकादशी के दिन भगवान शिव और माता पार्वती को गुलाल अर्पित करने से वैवाहिक जीवन के सभी दुख दूर हो जाते हैं और दांपत्य जीवन में मधुरता आती है।
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