इन बेचारो के आग में स्वाह होने का दोषी कौन?
इधर सुशीला तिवारी के प्राचार्य डॉक्टर अरुण जोशी ने बताया चारो को एम्स दिल्ली के लिए रेफर कर दिया गया है हल्द्वानी के सिटी मजिस्ट्रेट ए पी वाजपेई पंतनगर एयरपोर्ट पर जाकर चारो गंभीर घायलों को एयर लिफ्ट में अपनी मौजूदगी में एम्स दिल्ली के लिए रवाना किया पाठकों को बताए चले कि कल बिनसर अभयारण्य में करीव 12 बजे के आसपास जंगल की आग बुझाने में चार वनकर्मी जिंदा जल गए, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से जल गए जिनको पहले अल्मोड़ा बेस अस्पताल लाया गया. चूंकि 6 लाख की आवादी वाले अल्मोड़ा में बर्न यूनिट नहीं है पूरे जिले में 9 सीएचसी और 6 पीएचसी सेंटर है जो नाकाफी है जंगल की आग ने वन कर्मियों के वाहन को भी चपेट में ले लिया जो आग में पूरी तरह से भस्म हो गया
6 लाख की आवादी वाले अल्मोड़ा में बर्न यूनिट नहीं
एक घायल ने हिम्मत करके बताया कि जंगल में आग सीधे ढलान पर लगी थी। अपने वाहन को सड़क किनारे खड़ा कर कर्मचारी ढलान पर रास्ता बनाते हुए आग के करीब पहुंचे। इसी बीच, हवा के तेज झोकों से आग भड़क गई और खड़ी चढ़ाई में वनकर्मी भाग नहीं पाए। आग ने आठों को चपेट में ले लिया। इस दौरान 35 वर्षीय फॉरेस्ट गार्ड दीवान राम निवासी भेटुली आयारपानी, 56 वर्षीय त्रिलोक मेहता निवासी बाड़ेछीना, 50 वर्षीय पूरन मेहरा (पीआरडी जवान) निवासी कलौन, धौलछीना और 21 वर्षीय फायर वॉचर करन आर्या निवासी भेटुली आयारपानी की मौके पर ही मौत हो गई। साथ ही 21 वर्षीय कृष्ण कुमार, 38 वर्षीय भगवत सिंह भोज, दोनों निवासी आयारपानी, 44 वर्षीय कुंदन नेगी निवासी खाकरी और 44 वर्षीय कैलाश भट्ट निवासी घनेली अल्मोड़ा गंभीर रूप से झुलस गए इधर वन मंत्री सुबोध उनियाल ने अधिकारीयों को कड़े दिशा निर्देश साय जारी किये