नई दिल्ली। अमेरिका के वीज़ा धारकों के लिए भारत स्थित अमेरिकी दूतावास ने एक सख्त चेतावनी जारी की है। दूतावास ने शनिवार को कहा कि अमेरिकी कानूनों और आव्रजन नियमों का उल्लंघन करने पर वीज़ा रद्द कर दिया जाएगा और दोषी व्यक्ति को निर्वासित किया जा सकता है। यह कदम डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा लागू किए गए कड़े आव्रजन प्रवर्तन उपायों को और मज़बूती देता है।
दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में लिखा, “वीज़ा जारी होने के बाद अमेरिकी वीज़ा जाँच बंद नहीं होती।” उन्होंने कहा कि अधिकारी लगातार वीज़ा धारकों की निगरानी करते हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे सभी नियमों का पालन कर रहे हैं। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर वीज़ा रद्द कर निर्वासन की कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया जानकारी छिपाई तो वीज़ा हो सकता है रद्द
हाल ही में दूतावास ने एफ, एम और जे श्रेणी के गैर-आप्रवासी वीज़ा आवेदकों (जो आमतौर पर छात्र और एक्सचेंज आगंतुक होते हैं) को सलाह दी थी कि वे अपने सोशल मीडिया अकाउंट सार्वजनिक रखें ताकि अधिकारियों को उनकी जांच में आसानी हो। दूतावास ने चेतावनी दी कि सोशल मीडिया गतिविधियों की गलत जानकारी देने या उन्हें छिपाने पर न केवल वीज़ा रद्द होगा बल्कि आवेदक स्थायी रूप से अयोग्य भी ठहराया जा सकता है।
वीज़ा है विशेषाधिकार, अधिकार नहीं
दूतावास ने याद दिलाया कि अमेरिकी वीज़ा “एक विशेषाधिकार है, अधिकार नहीं।” हर वीज़ा निर्णय राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा होता है। 2019 से अमेरिकी वीज़ा आवेदकों के लिए पिछले पांच वर्षों के सभी सोशल मीडिया पहचानकर्ता देना अनिवार्य कर दिया गया है। यह प्रक्रिया व्यक्ति की पहचान और स्वीकार्यता सुनिश्चित करने के लिए ज़रूरी है।
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