पाकिस्तान की राजधानी Islamabad में अमेरिका और ईरान के बीच हुई अहम बातचीत बेनतीजा रही, जिसके बाद मध्य-पूर्व में तनाव और बढ़ गया है। वार्ता के विफल होने के बाद अब यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या दोनों देशों के बीच टकराव फिर तेज हो सकता है।
ट्रंप के बयान से बढ़ी चिंता
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने वार्ता विफल होने पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए यहां तक कह दिया कि जरूरत पड़ी तो उसे “पाषाण युग” में वापस भेज दिया जाएगा। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक लेख भी साझा किया, जिसमें ईरान के खिलाफ सख्त कदम उठाने की बात कही गई है।
क्या हो सकती है अगली रणनीति?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर कूटनीतिक समाधान नहीं निकलता है तो अमेरिका ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकेबंदी जैसे विकल्प पर विचार कर सकता है। इस रणनीति के तहत ईरान की समुद्री सप्लाई लाइन को रोकने की योजना बनाई जा सकती है, जैसा पहले वेनेजुएला के साथ किया गया था।
होर्मुज स्ट्रेट पर नजर
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका के लिए Strait of Hormuz पर नियंत्रण करना रणनीतिक रूप से अहम होगा। लेक्सिंगटन इंस्टीट्यूट की विशेषज्ञ रेबेका ग्रांट के अनुसार, हाल के दिनों में इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही बढ़ी है, जिस पर अमेरिकी नौसेना कड़ी नजर बनाए हुए है।
उन्होंने संकेत दिया कि अगर ईरान सख्त रुख अपनाता है, तो अमेरिकी नौसेना निगरानी और सख्ती बढ़ा सकती है। ऐसे में खाड़ी क्षेत्र में आने-जाने वाले जहाजों को अमेरिकी अनुमति की जरूरत पड़ सकती है।
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