हाल ही में चीन दौरे से लौटे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बाद अमेरिका में एक नया विधेयक पेश किया गया है, जिससे चीन और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की नाराजगी बढ़ सकती है। रिपब्लिकन सांसदों ने चीन के सैन्य-औद्योगिक नेटवर्क से जुड़े संस्थानों पर जल्द प्रतिबंध लगाने की मांग तेज कर दी है।
क्या है CCP Sanctions Shot Clock Act?
अमेरिकी सीनेटर रिक स्कॉट और प्रतिनिधि एलिस स्टेफानिक ने ‘CCP Sanctions Shot Clock Act’ नाम का विधेयक पेश किया है। इसका उद्देश्य उन चीनी व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई को तेज करना है, जिन्हें अमेरिका राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानता है।
इस प्रस्ताव के तहत अमेरिकी ट्रेजरी विभाग को एक तय समय सीमा के भीतर कार्रवाई करनी होगी। फिलहाल ऐसी कोई निश्चित समय-सीमा लागू नहीं है।
विधेयक में क्या प्रावधान हैं?
प्रस्तावित कानून के मुताबिक:
- अमेरिकी सरकार द्वारा चिन्हित चीनी संस्थाओं पर एक साल के भीतर कार्रवाई करनी होगी।
- संबंधित कंपनियों और व्यक्तियों को ट्रेजरी विभाग की निगरानी सूची में शामिल किया जाएगा।
- संशोधित सूची को ‘फेडरल रजिस्टर’ में प्रकाशित करना अनिवार्य होगा।
यह बदलाव वित्त वर्ष 2026 के राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकरण अधिनियम (NDAA) में संशोधन के जरिए किया जाएगा।
रिपब्लिकन सांसदों ने क्या कहा?
सीनेटर रिक स्कॉट ने कहा कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) से जुड़े संस्थानों के खिलाफ अमेरिका को तुरंत कदम उठाने चाहिए। उनके मुताबिक, जो संस्थाएं चीन के सैन्य हितों के लिए काम करती हैं, उन्हें अमेरिका में कारोबार की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बनने वाले व्यक्तियों या कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने में देरी नहीं होनी चाहिए और यह विधेयक उसी कमी को दूर करेगा।
चीन पर आर्थिक निर्भरता कम करने की तैयारी
प्रतिनिधि एलिस स्टेफानिक ने कहा कि यह बिल रिपब्लिकन पार्टी की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके जरिए चीन से जुड़ी कंपनियों पर अमेरिका की आर्थिक निर्भरता कम की जा रही है।
उन्होंने कहा कि यह कानून ट्रेजरी विभाग को चीनी सैन्य विस्तार और दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों से जुड़ी कंपनियों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई करने के लिए बाध्य करेगा।
मुख्य बातें
- अमेरिका में CCP Sanctions Bill पेश
- चीनी सैन्य-औद्योगिक संस्थाओं पर फोकस
- ट्रेजरी विभाग के लिए तय होगी समय सीमा
- रिपब्लिकन सांसदों ने चीन को बताया बड़ा खतरा
- अमेरिका-चीन तनाव बढ़ने के संकेत
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