फारस की खाड़ी में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने अमेरिका को सीधी चेतावनी दी है। आईआरजीसी ने कहा कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी तेल टैंकरों या किसी वाणिज्यिक जहाज के खिलाफ कार्रवाई की गई, तो क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और जहाजों पर बड़ा हमला किया जाएगा।
आईआरजीसी ने सोशल मीडिया पर जारी किया बयान
आईआरजीसी नौसेना कमान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि ईरानी जहाजों के खिलाफ किसी भी तरह की आक्रामक कार्रवाई का जवाब बेहद सख्ती से दिया जाएगा। बयान में कहा गया कि क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी केंद्र और दुश्मन के सैन्य जहाज सीधे निशाने पर होंगे।
मिसाइल और ड्रोन हमले के लिए तैयार
इसके कुछ समय बाद आईआरजीसी एयरोस्पेस फोर्स ने अलग पोस्ट जारी कर दावा किया कि उसकी मिसाइलें और ड्रोन पहले से अमेरिकी ठिकानों और दुश्मन के युद्धपोतों को निशाना बना चुके हैं। पोस्ट में कहा गया कि अब सिर्फ कार्रवाई के आदेश का इंतजार किया जा रहा है। ईरान की ओर से आई यह चेतावनी ऐसे समय में आई है, जब होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिकी नौसेना और ईरानी बलों के बीच हाल ही में गोलीबारी की घटना सामने आई थी। इससे पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
वैश्विक ऊर्जा सप्लाई के लिए अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में गिना जाता है। वैश्विक स्तर पर बड़ी मात्रा में तेल सप्लाई इसी रास्ते से होती है। ऐसे में यहां किसी भी सैन्य टकराव का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।
ट्रंप ने भी गोलीबारी की पुष्टि की
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने गुरुवार को पुष्टि की कि युद्धविराम समझौते के बावजूद अमेरिकी और ईरानी नौसेना के बीच फायरिंग हुई थी। उन्होंने कहा कि इस घटना के बावजूद अमेरिकी नौसेना के तीन विध्वंसक पोत सफलतापूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने में कामयाब रहे। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दावा किया कि ईरानी बलों की ओर से गोलीबारी हुई, लेकिन अमेरिकी युद्धपोतों ने रणनीतिक जलमार्ग को सुरक्षित तरीके से पार कर लिया।
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