भारत-नेपाल सीमा स्थित सोनौली बॉर्डर पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने अमेरिकी नागरिक जॉर्डन ब्राउन को हिरासत में लिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, वह उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले से नेपाल में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था। संदेह होने पर SSB जवानों ने उसे रोक लिया। बताया जा रहा है कि मौके से भागने का प्रयास करने पर स्थानीय ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया और उसके पैरों में रस्सी बांध दी।
पूछताछ में पासपोर्ट खोने और पूर्व सैनिक होने का दावा
पूछताछ के दौरान जॉर्डन ब्राउन ने बताया कि उसके पास कोई यात्रा दस्तावेज नहीं है, क्योंकि उसका पासपोर्ट थाईलैंड में खो गया था। उसने दावा किया कि वह समुद्री मार्ग से श्रीलंका पहुंचा और वहां से भारत आया। इसके बाद वह नेपाल जाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन सीमा पर पकड़ लिया गया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जॉर्डन ब्राउन ने जांच अधिकारियों को बताया कि उसने यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया से पढ़ाई की है। साथ ही उसने यह भी दावा किया कि वह करीब छह वर्षों तक अमेरिकी नौसेना (US Navy) और अमेरिकी स्पेशल फोर्सेस में सेवा दे चुका है तथा दो वर्ष पहले सेना छोड़ चुका है।
पुलिस को बयान में दिखा विरोधाभास
पुलिस के अनुसार, भारत में अपनी यात्रा और गतिविधियों को लेकर जॉर्डन ब्राउन अलग-अलग बयान दे रहा है। इसी वजह से जांच एजेंसियों का संदेह और गहरा गया है। अधिकारियों द्वारा उससे लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि उसके भारत आने और नेपाल जाने के उद्देश्य का पता लगाया जा सके।
सीमा पर पहले भी हुई थी विदेशी नागरिक की गिरफ्तारी
जॉर्डन ब्राउन की गिरफ्तारी से कुछ दिन पहले भारत-नेपाल सीमा से एक यूक्रेनी महिला को भी हिरासत में लिया गया था। इस घटनाक्रम के बाद सीमा सुरक्षा और विदेशी नागरिकों की गतिविधियों को लेकर जांच एजेंसियां अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे दावे
खबर में यह भी दावा किया गया है कि इससे पहले भारत ने म्यांमार जाने की कोशिश के दौरान मैथ्यू वेंडाइक नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। रिपोर्ट्स में उसे CIA एजेंट बताया गया था और उसके साथ छह यूक्रेनी एजेंट्स के पकड़े जाने का भी दावा किया गया। बताया गया कि मैथ्यू वेंडाइक को कोलकाता से गिरफ्तार किया गया था, जब वह पूर्वोत्तर राज्यों के रास्ते म्यांमार जाने की कोशिश कर रहा था।
इसी क्रम में खबर में एरविल जैक्सन नामक एक पूर्व अमेरिकी सैनिक का भी उल्लेख है, जिसके बारे में दावा किया गया कि वह बांग्लादेश में एजेंट के रूप में सक्रिय था। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि वह भारत विरोधी गतिविधियों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ी जानकारियां जुटा रहा था। हालांकि इन दावों के संबंध में खबर में कोई स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि प्रस्तुत नहीं की गई है।
यह भी पढ़ें- Anushka ने प्यूमा पर लगाया बिना परमिशन फोटो इस्तेमाल करने का आरोप
हमारे फ़ैज़ी वेबसाइट से जुड़ने के लिए क्लिक करें

