UPI पेमेंट पर 0.5 फीसदी टैक्स या चार्ज लगाए जाने के दावे के बीच बीजेपी नेता अमित मालवीय ने कांग्रेस के दावे को खारिज किया है।
14 सितंबर 2026 की गजट अधिसूचना और 15 सितंबर की रॉयटर्स रिपोर्ट के बाद विवाद का केंद्र बड़े मर्चेंट ट्रांजेक्शन पर संभावित MDR बन गया है।
0.5% UPI टैक्स की चर्चा पर अमित मालवीय का दावा
अमित मालवीय ने कहा कि 2,000 से ज्यादा के UPI भुगतान पर फिलहाल कोई सरकारी टैक्स या 0.5 फीसदी शुल्क तय नहीं किया गया है। 5,000 के भुगतान पर 25 और 10,000 पर 50 वसूले जाने की बातें 0.5 फीसदी की काल्पनिक दर पर आधारित गणना हैं।
वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग ने 14 सितंबर 2026 को गजट अधिसूचना जारी की। इसमें RuPay से जुड़े डेबिट कार्ड और 2,000 तक के UPI लेनदेन को ऐसी इलेक्ट्रॉनिक भुगतान व्यवस्था के रूप में तय किया गया है, जिस पर बैंक या पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से शुल्क नहीं लगा सकते।
5,000 पर 25 और 10,000 पर 50 देने होंगे?
अमित मालवीय ने कांग्रेस के दावे पर कहा कि 0.5 फीसदी दर मानने पर 5,000 पर 25 और 10,000 पर 50 निकलता है, लेकिन यह किसी सरकारी शुल्क सूची का हिस्सा नहीं है।
हालांकि, मौजूदा नियमों में बदलाव ने भविष्य में बड़े मर्चेंट पेमेंट पर MDR लागू करने की संभावना खोली है। 15 सितंबर की रॉयटर्स रिपोर्ट के मुताबिक, भुगतान क्षेत्र की कंपनियों और बैंकों के साथ 2,000 से अधिक के UPI मर्चेंट ट्रांजेक्शन पर संभावित शुल्क को लेकर चर्चा चल रही है। रिपोर्ट में करीब 0.4 फीसदी की संभावित दर का जिक्र है, लेकिन यह अंतिम सरकारी दर नहीं है।
आम UPI यूजर पर क्या पड़ेगा असर?
अभी उपलब्ध सरकारी स्पष्टीकरण के अनुसार P2P यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को किया जाने वाला UPI भुगतान मुफ्त बना हुआ है। भविष्य में MDR लागू होने पर उसका दायरा चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजेक्शन तक सीमित हो सकता है और इसका बोझ सीधे उपभोक्ताओं पर डालने की बात नहीं है।
UPI को मुफ्त रखने के लिए सरकार देती है इंसेंटिव
वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार FY2021-22 से FY2024-25 के दौरान सरकार ने UPI और डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम के लिए करीब 8,730 करोड़ रुपये का इंसेंटिव सपोर्ट दिया था। अमित मालवीय ने भी सरकार के वित्तीय प्रोत्साहनों का जिक्र किया।
10 प्वाइंट में समझें पूरा मामला
- 2,000 से अधिक UPI भुगतान पर 0.5% सरकारी टैक्स तय नहीं है।
- 5,000 पर 25 और 10,000 पर 50 की गणना काल्पनिक 0.5% दर पर आधारित है।
- वित्तीय सेवा विभाग ने 14 सितंबर 2026 को गजट अधिसूचना जारी की।
- 2,000 तक के UPI लेनदेन पर शुल्क लगाने से सुरक्षा दी गई है।
- RuPay डेबिट कार्ड भी अधिसूचना में शामिल हैं।
- P2P UPI भुगतान फिलहाल मुफ्त बना हुआ है।
- बड़े मर्चेंट पेमेंट पर MDR की संभावना पर चर्चा चल रही है।
- रॉयटर्स रिपोर्ट में करीब 0.4% संभावित दर का जिक्र है।
- MDR को आम उपभोक्ता टैक्स नहीं माना जाता।
- FY2021-22 से FY2024-25 तक UPI और डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को करीब 8,730 करोड़ रुपये का इंसेंटिव सपोर्ट मिला।
यह भी पढ़ें- Anushka ने प्यूमा पर लगाया बिना परमिशन फोटो इस्तेमाल करने का आरोप






