ख़बर संसार देहरादून.तो असली कारण मंत्री रेखा और गिरधारी के बीच प्रॉपर्टी पैसे को लेकर है क्योंकि पप्पू
ने रेखा को चार बड़ी कंपनियोंसे बाहर कर दिया है सूत्रों
अनुसार SIT जांच में तो यही दिखा रहा, रेखा आर्या ने भी अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि उनके पति गिरधारी लाल साहू ने फर्जी प्रकरण में जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) को कंपनियों से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल के दौरान कई अहम जानकारियां मिली हैं। सूत्रों के मुताबिक गिरधारी लाल साहू ने मंत्री रेखा आर्या को चार कंपनियों से बाहर के निदेशक पद से हटा दिया।
सूत्रों के अनुसार बरेली-सीतापुर राजमार्ग स्थित लालपुल गांव में बन रहे फार्महाउस की जमीन भी जिस कंपनी के नाम थीउसमें रेखा आर्या और सतेंद्र राठौर निदेशक थे। बरेली विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक ये जमीन मेसर्स कृष्णा-वैष्णवी एंटरप्राइजेज के नाम पर पंजीकृत थी।इसके अलावा बनखंडी रुद्राक्षधाम इन्फ्राडेवलपर प्राइवेट लिमिटेड और श्री अंबे ऑटो डीलर प्राइवेट लिमिटेड में रेखा आर्या और गिरधारी लाल की हिस्सेदारी बताई जा रही है।गिरधारी ने रेखा को चार कंपनियों से हटाया हल्द्वानी और बरेली से जुटाए दस्तावेज की पड़ताल में सामने आई अहम जानकारियां
इधर कल्पना मिश्रा की भूमिका की जांच : प्रकरण से जुड़े वायरल ऑडियो को लेकर भी एसआईटी की जांच जारी है। ऑडियो में कल्पना मिश्रा का नाम सामने आने के बाद अब उनकी भूमिका भी जांच के दायरे में है। एसआईटी मामले से जुड़े सभी पहलुओं और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। जांच के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएंगी






