उत्तराखंड राज्य स्थापना रजत जयंती वर्ष के अवसर पर दून योगपीठ देहरादून के सहयोग से प्रदेश को योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से एक बड़े वैलनेस हब के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से राज्यव्यापी जनजागरण अभियान जारी है। इसी क्रम में इंदिरा प्रियदर्शिनी गर्ल्स कॉमर्स पीजी कॉलेज, हल्द्वानी में जागरूकता गोष्ठी और योग आसनों का भव्य आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती वंदना के साथ हुई। महाविद्यालय की छात्राओं ने विभिन्न योग आसनों का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने सराहा।
योग–आयुर्वेद गांवों के विकास का आह्वान
दून योगपीठ के संस्थापक एवं अभियान के सूत्रधार योगाचार्य डॉ. बिपिन जोशी ने कहा कि उत्तराखंड के गांवों को योग और आयुर्वेद गांवों के रूप में विकसित किया जाए तो राज्य की तस्वीर व तकदीर दोनों बदल सकती हैं। उन्होंने कहा कि
- हिमालय की हिमाच्छादित शृंखलाएं,
- 70% औषधीय वनों से आच्छादित क्षेत्र,
- चारधाम और मानसखंड जैसे धार्मिक स्थल,
- शुद्ध जलवायु, सब्जियां, अनाज, जड़ी-बूटियां
—ये सभी प्रदेश को प्राकृतिक चिकित्सा और वैलनेस पर्यटन का वैश्विक केंद्र बना सकते हैं।
समन्वय और व्यवहारिक कार्य की जरूरत
महाविद्यालय की योग शिक्षिका डॉ. ज्योति उपाध्याय चुफाल ने कहा कि सरकार, स्थानीय समुदाय और योग–आयुर्वेद विशेषज्ञों के बीच मजबूत समन्वय से धरातल पर तेज़ी से विकास संभव है। प्रभारी प्राचार्य प्रो. टी.बी. सिंह ने स्वस्थ जीवन के लिए नियमित दिनचर्या और संतुलित खानपान को अनिवार्य बताया।
कार्यक्रम में योग प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों और महाविद्यालय के प्रोफेसरों को अंगवस्त्र और सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया। सभी उपस्थित व्यक्तियों ने संयुक्त रूप से देवभूमि उत्तराखंड को एक प्रमुख वैलनेस हब के रूप में विकसित करने का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख व्यक्ति
डॉ. बिपिन जोशी, प्राचार्य प्रो. आभा शर्मा, प्रभारी प्राचार्य प्रो. टी.बी. सिंह, डॉ. ज्योति उपाध्याय चुफाल, डॉ. शरद मिश्रा, डॉ. चंद्र प्रकाश, डॉ. स्वाति, डॉ. रेनू जोशी, डॉ. नेहा सिंह, डॉ. कुलदीप रस्तोगी, डॉ. विवेक लोहिया, डॉ. प्रभा साह, डॉ. हिमानी, डॉ. ऋतु सिंह, डॉ. विद्या कुमारी एवं डॉ. प्रदीप पांडे उपस्थित रहे।
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