लखनऊ, खबर संसार। जी, हां आप ने सही पढ़ायूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने कहा कि वह उत्तर प्रदेश का अगला विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। अखिलेश ने यह भी कहा कि चुनाव के लिए उनकी पार्टी और राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के बीच गठबंधन के बाद सीटों पर अंतिम चरण में बातचीत चल रही है।
चुनाव में चाचा शिवपाल यादव की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया (पीएसपीएल) को साथ लेने की संभावना पर अखिलेश (Akhilesh Yadav) ने कहा, मुझे इसमें कोई समस्या नहीं है। उन्हें और उनके लोगों को उचित सम्मान दिया जाएगा। बता दें की अखिलेश यादव आजमगढ़ से सांसद है और वो छोटी पार्टियों से गठबंधन कर रहे हैं।
हमारे मुख्यमंत्री लैपटॉप चलाना नहीं जानते- अखिलेश
इससे पहले हरदोई में अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर युवा सोच को न समझ पाने का तंज कसते हुए रविवार को कहा कि जो आज के युग में लैपटॉप और मोबाइल फोन भी चलाना न जाने वे युवाओं के हित की बात कैसे समझेंगे।
Akhilesh Yadav ने यहां समाजवादी विजय रथ के दूसरे चरण की यात्रा का आगाज करते हुये कहा युवा ही इस देश का भवष्यि हैं और युवाओं के मन की बात युवा सोच वाले लोग ही समझ सकते हैं। उन्होंने कटाक्ष किया, ‘अभी तक तो हम यह जानते थे कि हमारे मुख्यमंत्री लैपटॉप चलाना नहीं जानते , लेकिन अभी एक अधिकारी ने बताया कि वह मोबाइल भी चलाना नहीं जानते हैं। जरा, सोचो जो आज के जमाने में मोबाइल और लैपटॉप नहीं चला पाए वह नौजवानों की बात क्या समझेंगे?’
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अखिलेश (Akhilesh Yadav) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर समाज में जाति और धर्म के आधार पर भेदभाव फैलाने का आरोप लगाते हुये कहा कि दुनिया में भारत की पहचान अनेकों धर्म और जाति के लोगों का एक साथ मिलकर रहने की रही है। उन्होंने कहा कि कोई विचारधारा अगर ऐसी हो जो हमें लड़ाने का काम करें, हम उसे नहीं मानेंगे। हम सर्फि समाजवादी विचारधारा का रास्ता दिखाने वाले अपने देश के संविधान को मानते हैं।



