खबर-संसार हल्द्वानी।5 घंटे रैगिंग प्रकरण की जांच रिपोर्ट में ये मिला। जी हा आज बारीकी से मंडलायुक्त दीपक रावत और डीआईजी निलेश आनंद भरण एक एक बात को नब्ज टटोलते हुए बात कर रहे थे। बारीकी से जैसे पहले किसे पता चला। प्रबंधन और मीडिया के समक्ष किस तरह मामला सामने आया। कितने बच्चे थे। सीसी फुटेज में क्या आ रहा। स्टूडेंट क्या बयान दे रहे ईटीसी।
इससे पूर्व 2:00 बजे हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में कमिश्नर और डीआईजी पहुंचते हैं उनके पहुंचते ही स्टाफ में हड़कंप सा देखने को मिलता है। जी हा हाईकोर्ट के आदेश पर कुमाऊं कमिश्नर और डीआईजी को रैगिंग प्रकरण की जांच कर हाई कोर्ट को सौंपी जानी है।
करीब 5 घंटे तक कमिश्नर डीआईजी ने सभी लोगों के बयान लिए । एक एक बच्चे से बात करी। प्रिंसिपल डॉक्टर अरुण जोशी से बात करी । एचडी से बात करी। सीसी कैमरे देखें हॉस्टल में गार्ड व मेस के कर्मचारियों के बयान लिए।
बताते चलें कि 3 मार्च को कॉलेज परिसर में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के 27 से ज्यादा छात्रों का एक ग्रुप एक लाइन में चलते दिखा छात्र सिर झुकाए हुए चल रहे थे सभी के बाल कटे हुए थे इनमें से कुछ छात्र एप्रेन पहने होते हैं और कुछ पीठ पर बैग लेकर चल रहे थे मामला मीडिया में प्रमुखता से आने के बाद से जिला प्रशासन व कॉलेज प्रबंधन में हड़कंप मच गया था इस मामले की जांच की आंच हाई कोर्ट तक पहुंच गई थी।
मंडलायुक्त दीपक रावत ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश पर रैगिंग मामले की जांच शुरू की गई है सोमवार को मेडिकल कालेज में छात्रों का वार्डन के लिखित बयान लिए गए हैं कई जगह का निरीक्षण किया गया है सीसी फुटेज सहित कई साक्ष्य जुटाए हैं इनकी रिपोर्ट बनाकर जल्दी कोर्ट के सामने प्रस्तुत की जाएगी
