हाथों में बार-बार झुनझुनी या सुन्नपन महसूस होना एक आम समस्या लग सकती है, लेकिन कई बार यह शरीर का महत्वपूर्ण संकेत भी हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के लक्षणों को समझना और समय पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।
अक्सर यह परेशानी तब होती है जब हम लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे या सोए रहते हैं। इससे नसों पर दबाव पड़ता है या रक्त प्रवाह अस्थायी रूप से प्रभावित होता है, जिसके कारण झुनझुनी महसूस होती है।
कब बन सकती है गंभीर समस्या?
अगर यह समस्या बार-बार होने लगे या लंबे समय तक बनी रहे, तो इसके पीछे गंभीर कारण हो सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कार्पल टनल सिंड्रोम इसका एक प्रमुख कारण है, जिसमें कलाई की नस दब जाती है।
इससे अंगूठे और उंगलियों में झुनझुनी, दर्द और कमजोरी महसूस हो सकती है। इसके अलावा, समस्या सिर्फ कलाई तक सीमित नहीं रहती—कोहनी या गर्दन में नसों पर दबाव भी हाथों तक असर डाल सकता है।
ब्लड सर्कुलेशन और डायबिटीज का असर
खराब ब्लड सर्कुलेशन भी झुनझुनी का कारण बन सकता है। खासकर ठंड के मौसम में या तापमान में अचानक बदलाव के दौरान उंगलियों का सुन्न पड़ना और रंग बदलना एक संकेत हो सकता है।
डायबिटीज जैसी बीमारियां भी नसों को प्रभावित करती हैं। जब नसें कमजोर होती हैं, तो हाथ-पैरों में झुनझुनी, जलन और सुन्नपन जैसी समस्याएं बढ़ने लगती हैं।
विटामिन B12 की कमी भी जिम्मेदार
शरीर में विटामिन B12 की कमी धीरे-धीरे नसों को नुकसान पहुंचा सकती है। इसके लक्षणों में थकान, कमजोरी और झुनझुनी शामिल हैं। कई लोग इन संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं, जो आगे चलकर बड़ी समस्या बन सकते हैं।
इसके अलावा, थायरॉयड से जुड़ी गड़बड़ियां भी मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करती हैं, जिससे नसों पर असर पड़ता है और झुनझुनी बढ़ सकती है।
अन्य कारण और सावधानियां
कंधे और गर्दन के बीच नसों या ब्लड वेसल्स पर दबाव पड़ने से भी हाथों में झुनझुनी हो सकती है। खासतौर पर जब लंबे समय तक हाथ ऊपर रखा जाए या भारी वजन उठाया जाए।
अगर झुनझुनी के साथ ये लक्षण दिखें, तो तुरंत सतर्क हो जाएं:
- हाथों में कमजोरी
- चीजें बार-बार गिरना
- लगातार दर्द
वहीं, अचानक एक तरफ हाथ सुन्न होना, बोलने में दिक्कत या चक्कर आना स्ट्रोक के संकेत भी हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना बेहद जरूरी है।
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