Thursday, December 9, 2021
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अगर आप के भी अंडकोष (testicles) में भी है गांठ तो हो जाए सावधान

जी, हां अगर आप के अंडकोष (testicles) में भी है गांठ तो हो जाए सावधान, हो सकती है ये बीमारी वो भी कैंसर जैसी बीमारी  पुरुषों में उनके टेस्टिस में भी कैंसर की समस्या बहुत आम होती जा रही है। हालांकि इस रोग से पीड़ित लोगों की संख्या थोड़ी कम जरूर है। लेकिन यह खतरनाक है। इसे टेस्टिकुलर कैंसर कहा जाता है।

दरअसल यह एक मेल ऑर्गन है जो सेक्स हार्मोन और स्पर्म प्रोडक्शन का काम करता है। जब टेस्टिस में सेल ग्रोथ बढ़ जाती है तो इसकी वजह से ट्यूमर बन जाता है और आगे चलकर यही कैंसर सेल का निर्माण करता है। यह कैंसर सेल्स शरीर के दूसरे अंगों को भी प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में कैंसर के उपचार हेतु इसका शुरूआती स्टेज में ही पता लगाना बेहद जरूरी है। टेस्टिकुलर कैंसर के बारे में पता लगाने के लिए इसके लक्षणों और कारणों को जानना जरूरी है, तो चलिए जानते हैं।

टेस्टिकुलर (testicles) कैंसर होने के कारण

टेस्टिकुलर कैंसर होने की मुख्य वजह या कारण क्या है। इसके बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता है। लेकिन कुछ ऐसे कारण है जिसकी वजह से टेस्टिकुलर कैंसर होने का खतरा अधिक हो सकता है। इसके कुछ कारण इस प्रकार हैं।

फैमिली हिस्ट्री-अगर किसी व्यक्ति के घर परिवार में पहले कोई टेस्टिकुलर कैंसर (testicles) की समस्या से पीड़ित रहा हो तो, उस परिवार के हर व्यक्ति को थोड़ा सचेत रहना होगा। साथ ही समय – समय पर जांच करानी होगी।

आयु – टेस्टिकुलर कैंसर का होना आयु या उम्र पर भी निर्भर करता है। अगर आपकी उम्र 15 से 35 के बीच है तो आपको खुद पर ध्यान देना होगा। एवं किसी तरह की समस्या को हल्के में ना लेकर समय पर उपचार कराना होगा। इसके अलावा अगर आपकी उम्र 50 वर्ष से ऊपर हो गई है तो आपको अधिक सावधान रहने की जरूरत है।

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​अनडिसीन्डेड टेस्टिकल – यह समस्या कुछ बच्चों में जन्म से ही होती है। अगर कोई व्यक्ति इस समस्या से पीड़ित है तो उसे टेस्टिकुलर कैंसर (testicles) होने का खतरा अधिक होता है। हालांकि इस स्थिति को बचपन में ही उपचार प्रक्रिया के जरिए ठीक कर दिया जाता है। लेकिन इसके बावजूद भविष्य में यह टेस्टिकुलर कैंसर की वजह बन सकते हैं।

​एबनॉर्मल टेस्टिकल डेवलपमेंट – क्लाइनफेल्टर सिंड्रोम जैसी स्थिति होती है जिसकी वजह से टेस्टिकुलर कैंसर होने का खतरा भी बढ़ जाता है।

इंफर्टिलिटी – इन्फर्टाइल पुरुषों में टेस्टिकुलर कैंसर होने का खतरा बहुत ज्यादा होता है। इसके अलावा कई दूसरे इंफर्टिलिटी कारण हैं जो टेस्टिकुलर कैंसर की वजह बन सकते हैं।

​टेस्टिकुलर कैंसर के लक्षण

  1. टेस्टिस में गांठ हो जाना जिसमें किसी तरह का दर्द ना हो।
  2. टेस्टिस में सूजन की समस्या होना। इसमें दर्द भी हो सकता है और नहीं भी।
  3. टेस्टिस में अक्सर दर्द रहना।
  4. मेल चेस्ट में कोमलता आ जाना।
  5. टेस्टिस का सिकुड़ जाना।
  6. टेस्टिस में लगातार दर्द रहना और अनकंफर्टेबल महसूस करना।
  7. टेस्टिस में किसी तरह का द्रव बनने लगना।

आप सभी लोगों ने जाना कि टेस्टिकुलर कैंसर के लक्षण क्या है। इन लक्षणों को महसूस होने के बाद या तो लोग इनके बारे में बात नहीं करते। या इन्हे पूरी तरह नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन ध्यान रहे कि अगर टेस्टिकुलर कैंसर का निदान समय पर ना किया जाए तो इसका उपचार बेहद मुश्किल हो सकता है।

​testicles कैंसर से बचाव कैसे करें

टेस्टिकुलर कैंसर से बचे रहने का कोई ठोस तरीका तो नहीं है। लेकिन आप इसके लक्षणों और कारणों को जानकर इसे बढ़ने या फैलने से रोक सकते हैं। अपने शरीर में होने वाली समस्याओं को नजरअंदाज न करें। साथ ही समय पर जांच कराएं और एक अच्छी डाइट ले और साफ सफाई का पूरा ध्यान रखें। इन्हीं तरीकों से टेस्टिकुलर कैंसर से बच सकते हैं।

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