देश में डिजिटल क्रांति लाने के बाद अब मुकेश अंबानी एक और बड़ा कदम उठाने की तैयारी में हैं। उन्होंने घोषणा की है कि Reliance Jio देश में AI सेवाओं को मोबाइल डेटा की तरह सस्ता और सुलभ बनाने पर काम कर रही है। मुकेश अंबानी का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस केवल बड़ी कंपनियों या विदेशी संस्थाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसे हर छात्र, किसान, छोटे व्यापारी और स्टार्टअप तक पहुंचाना जरूरी है। जियो का लक्ष्य है कि AI की लागत कम करके इसे बड़े पैमाने पर उपलब्ध कराया जाए, ताकि भारत डिजिटल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सके।
बड़े निवेश का ऐलान
रिपोर्ट्स के अनुसार, रिलायंस आने वाले वर्षों में AI और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश करेगी। कंपनी देश में आधुनिक डेटा सेंटर और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग सिस्टम तैयार कर रही है, जिससे AI सेवाएं तेज और किफायती बन सकें। गुजरात के जामनगर में अत्याधुनिक AI-रेडी डेटा सेंटर विकसित किए जा रहे हैं। यह इंफ्रास्ट्रक्चर भविष्य में देशभर में AI आधारित सेवाओं को सपोर्ट करेगा। जियो ने जिस तरह सस्ते मोबाइल डेटा से इंटरनेट क्रांति लाई थी, उसी मॉडल को AI में अपनाने की तैयारी है। लक्ष्य है — कम कीमत, ज्यादा पहुंच और बेहतर गुणवत्ता।
किन क्षेत्रों को मिलेगा फायदा?
- शिक्षा में स्मार्ट लर्निंग टूल
- कृषि में डेटा आधारित सलाह
- हेल्थकेयर में AI डायग्नोसिस
- छोटे कारोबारियों के लिए ऑटोमेशन
- स्टार्टअप्स के लिए सस्ती कंप्यूटिंग
इस खबर से जुड़े 10 अहम प्वाइंट
- जियो AI सेवाओं को सस्ता और सुलभ बनाने की योजना पर काम कर रहा है।
- मुकेश अंबानी ने AI को आम जनता तक पहुंचाने की बात कही।
- रिलायंस AI इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े निवेश की तैयारी में है।
- जामनगर में AI-रेडी डेटा सेंटर विकसित हो रहे हैं।
- मोबाइल डेटा मॉडल को AI में दोहराने की रणनीति है।
- शिक्षा, कृषि और हेल्थ सेक्टर को बड़ा फायदा होगा।
- स्टार्टअप्स को सस्ती कंप्यूटिंग सुविधा मिल सकती है।
- AI के जरिए डिजिटल इंडिया को नई गति मिलेगी।
- भारत को वैश्विक AI हब बनाने का लक्ष्य तय किया गया है।
- आने वाले वर्षों में AI भारत की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकता है।
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