लखनऊ, खबर संसार। अखिलेश यादव ने एक बार फिर चाचा शिवपाल यादव (Shivpal Yadav) को बड़ा झटका देते हुए उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। दो दिन से उम्मीद लगाकर लखनऊ में डेरा डाले शिवपाल यादव को विधायक दल की बैठक में नहीं बुलाया गया है।
इससे शिवपाल यादव ने नाराजगी भी जाहिर की है। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के प्रमुख शिवपाल यादव को सपा के चुनाव चिह्न पर ही जसवंतनगर सीट से चुनाव लड़ाया गया था। ऐसे में शिवपाल यादव को पूरी उम्मीद थी कि विधायक दल की बैठक में उन्हें बुलाया जाएगा।
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मुझे पार्टी के बैठक में नही बुलाया- Shivpal Yadav
शिवपाल यादव ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली की विधायक दल की बैठक होनी है तो वह लखनऊ में ही दो दिन से रुके हुए थे। शिवपाल ने कहा, ”मुझे पार्टी की बैठक में नहीं बुलाया गया है। मैं दो दिन से इंतजार कर रहा था, इस बैठक में शामिल होने के लिए मैंने अपने दूसरे सारे प्रोग्राम कैंसल कर दिए, लेकिन मुझे बुलाया नहीं गया।
मैं सपा का विधायक हूं, फिर भी नहीं बुलाया गया। एक अन्य टीवी चैनल ने जब शिवपाल यादव (Shivpal Yadav) से पूछा कि उनका अगला कदम क्या होगा तो उन्होंने अभी पत्ते खोलने से इनकार किया और कहा कि समर्थकों से विचार-विमर्श के बाद ही वह कोई फैसला करेंगे।
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विपक्ष में बैठने का जनादेश मिलने के बाद यह भी अटकलें थीं कि शिवपाल यादव (Shivpal Yadav) को विपक्ष का नेता भी बनाया जा सकता है। हालांकि, अखिलेश यादव ने संसद से इस्तीफा देकर विधानसभा में रहने का फैसला किया है। ऐसे में माना जा रहा है कि वह खुद नेता विरोधी दल बनकर योगी आदित्यनाथ को सीधी चुनौती देना चाहेंगे।



