इलेक्ट्रिक कारों की बढ़ती लोकप्रियता के साथ उनकी सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं तेज हो गई हैं। इसी बीच चीन सरकार ने बड़ा और सख्त कदम उठाते हुए इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) में हिडन या पूरी तरह इलेक्ट्रॉनिक डोर हैंडल डिजाइन पर प्रतिबंध लगा दिया है। अब चीन में वही कारें बिक्री के लिए मंजूर होंगी, जिनमें आपात स्थिति में दरवाजे हाथ से खोले जा सकें।
क्यों लिया गया यह फैसला?
सरकार का मानना है कि पावर फेल होने या इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम खराब होने की स्थिति में हिडन डोर हैंडल काम नहीं करते। इससे दुर्घटना के समय यात्री कार के अंदर फंस सकते हैं। हाल के कुछ गंभीर हादसों के बाद इस डिजाइन की सुरक्षा पर सवाल उठे थे, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने इसकी समीक्षा की।
नए नियम क्या कहते हैं?
नए सुरक्षा मानकों के तहत:
- हर कार में अंदर और बाहर दोनों तरफ मैकेनिकल रिलीज सिस्टम अनिवार्य होगा।
- केवल इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से खुलने वाले दरवाजे मान्य नहीं होंगे।
- हर पैसेंजर डोर के बाहर तय आकार का धंसा हुआ हिस्सा देना जरूरी होगा।
- कार के अंदर दरवाजा खोलने का तरीका स्पष्ट निशान और निर्देश के साथ दिखाना अनिवार्य होगा।
- नियम सभी नए मॉडलों पर तुरंत लागू होंगे।
- पहले से मंजूर मॉडलों को डिजाइन बदलाव के लिए दो साल की छूट दी गई है।
वैश्विक कंपनियों पर असर
चीन दुनिया का सबसे बड़ा ऑटो बाजार है। ऐसे में यह नियम केवल स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं रहेगा। कई वैश्विक कंपनियां चीन के लिए तैयार डिजाइन को अन्य देशों में भी इस्तेमाल करती हैं। अब निर्माताओं को अपने डोर सिस्टम और सुरक्षा फीचर्स को दोबारा डिजाइन करना पड़ सकता है।
डिजाइन से ज्यादा सुरक्षा पर जोर
हिडन डोर हैंडल को प्रीमियम और मॉडर्न फीचर के रूप में पेश किया जाता था। लेकिन चीन के इस फैसले से साफ संकेत मिलता है कि अब ईवी सेक्टर में आकर्षक डिजाइन से ज्यादा प्राथमिकता सुरक्षा को दी जाएगी। यह कदम भविष्य में वैश्विक सुरक्षा मानकों को भी प्रभावित कर सकता है।
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