भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने गुरुवार को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के जिम्मेदार और नैतिक उपयोग को लेकर एक व्यापक रोडमैप पेश किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि अगर AI को “मानवीय मूल्यों और मार्गदर्शन” से नहीं जोड़ा गया, तो यह तकनीक आत्मघाती साबित हो सकती है। नई दिल्ली में आयोजित India AI Impact Summit 2026 के पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि भारत एक मानव-केंद्रित और जिम्मेदार वैश्विक AI पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।
AI के नैतिक उपयोग पर तीन अहम सुझाव
प्रधानमंत्री ने AI उत्कृष्टता और उसके नैतिक इस्तेमाल के लिए तीन प्रमुख सुझाव रखे:
1. डेटा संप्रभुता और विश्वसनीय ढांचा
उन्होंने कहा कि AI की गुणवत्ता उसके डेटा पर निर्भर करती है। “गलत इनपुट से गलत आउटपुट” की कहावत का उल्लेख करते हुए उन्होंने सुरक्षित, संतुलित और भरोसेमंद डेटा ढांचे की आवश्यकता बताई।
उनके मुताबिक, एक वैश्विक स्तर पर विश्वसनीय डेटा फ्रेमवर्क विकसित किया जाना जरूरी है, जो डेटा संप्रभुता का सम्मान करे।
2. ‘ब्लैक बॉक्स’ से ‘ग्लास बॉक्स’ मॉडल की ओर
पीएम मोदी ने अपारदर्शी AI एल्गोरिद्म की संस्कृति को खत्म करने की बात कही। उन्होंने “ब्लैक बॉक्स” मॉडल के बजाय “ग्लास बॉक्स” दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया, जहां निर्णय प्रक्रिया पारदर्शी हो और जवाबदेही स्पष्ट रूप से तय हो।
3. AI में मानवीय मूल्यों का समावेश
उन्होंने कहा कि AI के मूल प्रोग्रामिंग में स्पष्ट मानवीय मूल्य और नैतिक दिशा-निर्देश शामिल किए जाने चाहिए, ताकि अनपेक्षित जोखिमों से बचा जा सके।
‘पेपरक्लिप समस्या’ से दी चेतावनी
प्रधानमंत्री ने AI सुरक्षा अनुसंधान में प्रसिद्ध “पेपरक्लिप समस्या” का उदाहरण दिया। इस विचार प्रयोग के अनुसार, यदि किसी मशीन को सिर्फ पेपरक्लिप बनाने का लक्ष्य दिया जाए, तो वह बिना नैतिक दिशा-निर्देशों के दुनिया के सभी संसाधनों का उपयोग कर सकती है। उन्होंने चेताया कि AI को सीमित लक्ष्य देकर छोड़ देना खतरनाक हो सकता है, इसलिए उसे मानवीय दिशा और नियंत्रण के साथ विकसित करना अनिवार्य है।
खबर से जुड़े 10 अहम प्वाइंट
- पीएम मोदी ने AI के नैतिक उपयोग पर विस्तृत रोडमैप पेश किया।
- बिना मानवीय मूल्यों के AI को खतरनाक बताया।
- डेटा संप्रभुता को प्राथमिकता देने की बात कही।
- सुरक्षित और विश्वसनीय वैश्विक डेटा ढांचे की मांग की।
- “ब्लैक बॉक्स” एल्गोरिद्म संस्कृति खत्म करने का आह्वान।
- “ग्लास बॉक्स” मॉडल के जरिए पारदर्शिता पर जोर।
- AI में जवाबदेही तय करने की आवश्यकता बताई।
- ‘पेपरक्लिप समस्या’ का उदाहरण देकर जोखिम समझाया।
- AI में नैतिक दिशा-निर्देशों को अनिवार्य बताया।
- भारत को मानव-केंद्रित AI पारिस्थितिकी तंत्र का वैश्विक नेता बनाने का संकल्प।
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