जब किसी महिला को पता चलता है कि वह मां बनने वाली है, तो वह पल उसकी जिंदगी का सबसे खास होता है। लेकिन इसी के साथ शुरू होती हैं कुछ परेशानियां, जिनमें सबसे आम है प्रेग्नेंसी में जी मचलाना। सुबह उठते ही मुंह का स्वाद बिगड़ना, पेट में उलझन होना, खाने से डर लगना—ये लक्षण प्रेग्नेंसी के पहले तीन महीनों में लगभग 70% महिलाओं को होते हैं।
हार्मोनल बदलाव से होती है परेशानी
गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. दीप्ति जैन के मुताबिक यह पूरी तरह सामान्य है। दरअसल, गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में हार्मोन—खासकर एस्ट्रोजन—तेजी से बढ़ते हैं। यही शरीर को गर्भावस्था के लिए तैयार करते हैं, लेकिन पाचन तंत्र पर असर डालकर जी मचलाने की समस्या पैदा कर देते हैं।
घरेलू उपाय से पाएं राहत
- हल्का और थोड़ा-थोड़ा खाएं
- दिन में 4–5 बार थोड़ा-थोड़ा खाना खाएं। सुबह उठते ही कुछ हल्का और ड्राय, जैसे बिस्किट या टोस्ट लें।
- मिर्च-मसाले और तला-भुना न खाएं
- तेज मिर्च-मसालों और तले हुए खाने से बचें। उबली या हल्की चीजें, जैसे मूंग दाल, खिचड़ी और सूप फायदेमंद हैं।
- अदरक और नींबू का इस्तेमाल करें
- अदरक वाली चाय या गुनगुने पानी में नींबू की कुछ बूंदें डालकर पीना बहुत राहत देता है।
- पर्याप्त नींद और आराम जरूरी
- थकान भी जी मचलाने को बढ़ा सकती है। रोज़ कम से कम 7 घंटे की नींद लें और दिन में थोड़ा आराम करें।
कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए?
अगर जी मचलाना इतना ज्यादा हो जाए कि खाना-पीना मुश्किल हो जाए, शरीर में पानी की कमी लगे, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। यह गंभीर स्थिति हाइपरएमेसिस ग्रेविडेरम हो सकती है। प्रेग्नेंसी में जी मचलाना हार्मोनल बदलाव का सामान्य हिस्सा है। सही खानपान, आराम और घरेलू उपायों से इसे काबू किया जा सकता है। घबराने के बजाय सावधानी रखें और डॉक्टर की सलाह के साथ सुरक्षित गर्भावस्था का आनंद लें।
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