मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने कतर स्थित अपने सबसे बड़े सैन्य ठिकाने अल उदैद एयर बेस पर पैट्रियट मिसाइल सिस्टम की तैनाती में बड़ा बदलाव किया है। हाल ही में जारी सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा हुआ है कि इन एयर डिफेंस सिस्टम को अब सेमी-स्टैटिक लॉन्चर्स से हटाकर मोबाइल ट्रक प्लेटफॉर्म पर माउंट कर दिया गया है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, प्लैनेट लैब्स द्वारा 17 जनवरी 2026 और 1 फरवरी 2026 को ली गई तस्वीरों की तुलना में यह बदलाव साफ दिखाई देता है। 1 फरवरी की इमेज में कम से कम 10 MIM-104 पैट्रियट मिसाइल सिस्टम M983 HEMTT (हेवी एक्सपैंडेड मोबिलिटी टैक्टिकल ट्रक) पर लोड दिखे। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे मिसाइल सिस्टम की मोबिलिटी और सर्वाइवेबिलिटी दोनों बढ़ती हैं।
बेस पर बढ़ी हवाई ताकत
अल उदैद एयर बेस पर विमानों की संख्या में भी इजाफा देखा गया है। यहां 1 RC-135 रेकॉनिसेंस एयरक्राफ्ट, 18 KC-135 स्ट्रैटोटैंकर, 7 C-17 ग्लोबमास्टर और कई C-130 हर्क्यूलिस विमान तैनात बताए जा रहे हैं। यह संकेत देता है कि अमेरिका न केवल रक्षात्मक बल्कि संभावित स्ट्राइक ऑपरेशंस के लिए भी तैयारियां मजबूत कर रहा है।
ईरान-अमेरिका तनाव की पृष्ठभूमि
जनवरी 2026 से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को लेकर अमेरिकी नेतृत्व ने सख्त बयान दिए हैं। 2025 में इजराइल और ईरान के बीच दो सप्ताह चले संघर्ष के बाद हालात और संवेदनशील हो गए थे।
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने चेतावनी दी है कि किसी भी हमले की स्थिति में क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा। ईरान के पास कई अंडरग्राउंड मिसाइल कॉम्प्लेक्स सक्रिय बताए जाते हैं।
पेंटागन की चुप्पी
अब तक पेंटागन ने इस तैनाती पर आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। हालांकि रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि मोबाइल लॉन्चर्स पर पैट्रियट सिस्टम की तैनाती अमेरिका की डिफेंसिव रेडीनेस को दर्शाती है। मिडिल ईस्ट में तेज होती सैन्य गतिविधियां संकेत दे रही हैं कि क्षेत्र में रणनीतिक संतुलन एक बार फिर संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है।
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