बिहार के भागलपुर जिले में रहने वाले राहुल यादव की प्रेम कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। दावा किया जा रहा था कि जूली नाम की एक रूसी महिला राहुल से मिलने भारत आई है और नवंबर में दोनों की शादी होने वाली है। हालांकि पड़ताल में यह दावा फर्जी पाया गया। जांच में वायरल वीडियो से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आईं।
इंग्लैंड से NGO की टीम के साथ आई थी महिला
जांच में पता चला कि संबंधित महिला शिविया चैरिटी नाम के एक NGO में काम करती है। यह संस्था अपनी टीम के साथ इंग्लैंड से उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के दौरे पर आई थी। इसी दौरान एक वीडियो में युवक नजर आया, जिसके बाद उसने उस वीडियो को इंटरनेट पर वायरल कर दिया।
पूर्णिया का है वीडियो, युवक का नाम भी अलग
जानकारी के अनुसार वायरल वीडियो भागलपुर का नहीं, बल्कि पूर्णिया का बताया जा रहा है। इसके अलावा, वीडियो में नजर आने वाले युवक का नाम भी राहुल यादव नहीं है। इंस्टाग्राम पर उसने अपनी प्रोफाइल नमित भय के नाम से बनाई हुई है। इस मामले में भागलपुर पुलिस भी युवक की तलाश कर रही है। फिलहाल, उसे फरार बताया जा रहा है।
राहुल ने वीडियो जारी कर बताई सच्चाई
रूसी महिला से शादी का वीडियो वायरल होने के बाद राहुल ने एक नया वीडियो जारी किया। इसमें उसने कहा, ‘मेरी उस महिला से शादी नहीं हो रही है। वो तो विदेश से मेरा गांव घूमने आई थीं, जिसका मैंने वीडियो बनाकर शेयर किया था। वो हमारी मेहमान हैं। मेरा उनके साथ कोई संबंध नहीं है। सभी ने गलत जानकारी फैलाई है।’
क्या है शिविया चैरिटी का काम?
शिविया चैरिटी एक अंतरराष्ट्रीय चैरिटी संस्था है, जिसकी स्थापना वर्ष 2008 में ओली डॉनेली ने की थी। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए संसाधन और प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है। इसके प्रमुख कार्यक्रमों में पोल्ट्री फार्मिंग, कृषि प्रबंधन, मछली पालन और बकरी पालन शामिल हैं।
करीब पांच दिन पहले इन गतिविधियों से जुड़ी एक टीम भारत आई थी। संस्था ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर दौरे के वीडियो भी साझा किए हैं। हालांकि, राहुल के दावे को लेकर संस्था ने अभी तक कोई पोस्ट नहीं किया है।






