खबर संसार बाजपुर। इस शहर में जब रावण बिना जले ही गिर गया तो कई तरह के कयास लगाने लगे। जी हा बाजपुर में रावण दहन से ठीक पहले रावण का पुतला एकाएक धरा शाही होकर धरती पर गिरा ने इसे बुरे लोगों के लिए प्रेरणा बताया
बाजपुर रामलीला कमेटी द्वारा आयोजित रावण दहन का कार्यक्रम बुक्सा मार्केट में आयोजित किया जाना था जिसके फलस्वरूप रावण के पुतले को तैयार करके बुक्सा मार्केट में सुशोभित किया गया लेकिन इसी दौरान दोपहर लगभग 2:00 बजे के आसपास रावण का पुतला एकाएक जमीदोज होते हुए जमीन पर गिर गया जिसके उपरांत वहां मौजूद लोगों एवं रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों में हड़कंप मच गया आनन-फानन में रामलीला कमेटी द्वारा कंबाइन के माध्यम से रावण के पुतले को दोबारा खड़ा करने का प्रयास किया जिसे रावण के पुतले को खड़ा करने में काफी जद्दोजहद का सामना करना पड़ा वही नगर में रावण के पुतले की जमीदोज होने पर क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की चर्चाएं होने लगी जिसने कुछ लोगों का कहना था कि जिस प्रकार राम जी द्वारा बुराई का अंत करने के लिए रावण का अंत किया था उसी प्रकार बाजपुर की राजनीति में भी रावण रूपी कई लोग मौजूद है।
जिनके अंदर अहंकार एवं द्वेष भावना, ईर्ष्या एवं घमंड जैसी प्रवृतियां मौजूद है उनको एहसास कराने के लिए प्रकृतिक ने आज ही के दिन इस लीला का संपादन किया और ऐसे लोगों को इस घटना से शिक्षा लेने की जरूरत बताया कि किसी का भी अहंकार और द्वेष भावना काम नहीं आता जब वक्त बुरा आता है तो अच्छे-अच्छे पुतले और मनुष्य इसी धरती पर धराशाई होते नजर आते हैं


