अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच ईरान की आंतरिक राजनीति को लेकर नई रिपोर्ट ने हलचल पैदा कर दी है। दावा किया जा रहा है कि सरकार के शीर्ष स्तर पर मतभेद गहराते जा रहे हैं। खास तौर पर राष्ट्रपति, संसद नेतृत्व और विदेश मंत्रालय के बीच टकराव की खबरें सामने आई हैं। हालांकि, इन दावों पर अब तक ईरानी सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
रिपोर्ट में क्या कहा गया है?
ब्रिटेन आधारित मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ईरान इंटरनेशनल’ की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि विदेश मंत्रालय सरकार की नीतियों के अनुरूप काम करने के बजाय स्वतंत्र तरीके से फैसले ले रहा है। यह भी दावा किया गया है कि विदेश मंत्री पर आरोप है कि वे कैबिनेट की बजाय रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के निर्देशों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
राष्ट्रपति और विदेश मंत्री के बीच बढ़ा टकराव
रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति का मानना है कि महत्वपूर्ण कूटनीतिक मामलों में विदेश मंत्री ने सरकार की लाइन से अलग रुख अपनाया। यह भी कहा गया है कि यदि यही स्थिति जारी रही तो उन्हें पद से हटाया जा सकता है।
सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया गया है कि विदेश मंत्री कथित तौर पर IRGC से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और कई फैसले राष्ट्रपति को बिना जानकारी दिए लागू किए जा रहे हैं।
संसद में भी दिखा असंतोष
ईरान की संसद में भी इस मुद्दे को लेकर असहमति की स्थिति बताई जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, संसद अध्यक्ष ने वार्ता टीम के प्रमुख पद से इस्तीफा दे दिया था। बताया गया है कि परमाणु मुद्दों को बातचीत में शामिल करने की कोशिश पर उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा। इसके बाद विदेश मंत्री ने अकेले ही पाकिस्तान की यात्रा की और एक प्रस्ताव पेश किया, जिसे अमेरिकी नेतृत्व ने खारिज कर दिया।
आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
इन सभी दावों के बावजूद, ईरान सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन रिपोर्ट में किए गए खुलासों ने तेहरान की राजनीति में अस्थिरता के संकेत जरूर दे दिए हैं।
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