खबर संसार, नई दिल्ली: तो अब पत्थरबाजों को नहीं मिलेगी jobs, पासपोर्ट का भी होगा वेरिफिकेशन क्यों केन्द्र सरकार ने अब इन लोगों के प्रति सख्त रूख अपना लिया है। जब से धारा 370 हटने व जम्मू-कश्मीर केन्द्र शासित प्रदेश बना है तब से वहां पत्थरबाजी की घटनाओं में कमी आई है।
क्योंकि पत्थरबाजों के खिलाफ सख्ती बरती जा रही है। अब घाटी के युवाओं को पत्थर उठाने से पहले कई बार सोचना होगा। जम्मू-कश्मीर के जो भी युवा पत्थबाजी जैसी गतिविधियों में शामिल रहे हैं उनको न तो सरकारी jobs मिलेगी और न ही उनका पासपोर्ट वेरिफिकेशन किया जाएगा। इसके लिए कश्मीर सीआईडी द्वारा सर्कुलर जारी कर दिया गया है।
jobs, स्रकारी सुविधाएं हो जाएंगी बंद
सीआईडी द्वारा जारी सर्कुलर में लिखा गया है कि पासपोर्ट, सरकारी jobs या उससे जुड़ी योजनाओं का लाभ जैसे मामलों में किसी भी व्यक्ति की सिक्योरिटी क्लियरेंस की रिपोर्ट तैयार करते समय इस बात का खास ध्यान रखा जाए कि वो किसी भी कानून व्यवस्था को भंग करने जैसे अपराध में शामिल न हो।
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पत्थरबाजी या दूसरे अन्य किसी भी प्रकार के अपराध में शामिल व्यक्ति को इसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि पत्थबाजी जैसी गतिविधियों में शामिल रहे लोगों को सिक्योरिटी क्लीयरेंस नहीं दिया जाएगा।
ली जाएगी पुलिस की मदद
सीआईडी द्वारा जारी सर्कुलर में रिपोर्ट तैयार करने के लिए संबंधित पुलिस स्टेशन की मदद ली जाएगी और पुलिस स्टेशन से व्यक्ति के बारे में पूछताछ होगी जरूरत पड़ने पर वहां से रिपोर्ट भी ली जा सकती है। इसके साथ ही सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस के पास से सीसीटीवी फुटेज, तस्वीरे और अन्य सबूतों की मदद भी ली जा सकती है।
