खबर संसार देहरादून। कोतवाल नपेंगे अगर आरोपियों की धरपकड़ के लिए पीड़ित से खर्चा लेते है तो! सामान्यता आरोपी की धरपकड़ को दबिश पर जाने के लिए पुलिस पीड़ित से ही गाड़ी इत्यादि का खर्चा लेते है। इसी क्रम में डीजीपी अशोक कुमार ने चेतावनी जारी की है। की अगर ऐसा कोई करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएंगी।
कोतवाल नपेंगे अगर आरोपियों की धरपकड़ के लिए पीड़ित से खर्चा लेते है तो
डीजीपी का कहना है कि दबिश या आरोपियों को पकड़ने के लिए स्थानों की थाना विविध निधि में पर्याप्त पैसा रहता है इस मद से द विश्व का खर्चा बहन किया जा सकता है बावजूद इसके लगातार कई थानों से शिकायतें आ रही हैं कि पीड़ित से खर्चा वसूला जा रहा है। डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि यदि ऐसा हुआ तो संबंधित थाने के प्रभारी व अन्य कर्मचारियों खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी । डीजीपी का कहना है कि थानों के बजट में दबी शादी के लिए भी पैसा होता है बावजूद इसके अगर अब कोई शिकायत आई तो संबंधित एस ओ खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
ज्यादातर संबंधित थानों में जैसे-तैसे मुकदमा दर्ज कर ले जाते हैं लेकिन जब आरोपी को पकड़ने के लिए दबिश दी आदि के लिए जाते हैं तो बजट का रोना पीड़ित के आगे रोया जाता है और उसी से गाड़ी इत्यादि अन्य खर्चा की मांग की जाती है पीड़ित बड़ा व्यक्ति है यह बहुत जरूरी है वह अक्सर पैसा दे देता है। जो परिपाटी सी बनने लगी है। इसी बात का संज्ञान लेते हुए डीजीपी अशोक कुमार ने चेतावनी जारी की है।



