खबर संसार रायपुर: naan scam – बढ़ गई छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री की मुश्किलें, अब छत्तीसगढ़ में नान घोटाला का मुद्दा छा गया है। क्योंकि विपक्ष में रहते हुए इस मामले को भूपेश बघेल ने इस मामले को काफी तूल दिया था। आरोप लग रहे हैं कि जब भूपेश बघेल के हाथों में छत्तीसगढ़ की कमान आयी और वह सूबे के मुख्यमंत्री बने। उसके बाद कथित घोटालों के आरोपियों व अफसरों को वह बचाने में लगे हुए हैं। ये naan scam करीब छत्तीस हजार करोड का बताया जा रहा है।
करोड़ों का हुआ था naan scam
बता दें कि नागरिक आपूर्ति निगम नान छत्तीसगढ़ में गरीब परिवारों को राशन बांटने का काम करती रही है। राज्य की आर्थिक अपराध शाखा ने 12 फरवरी 2015 को नागरिक आपूर्ति निगम (naan) के अधिकारियों और कर्मचारियों के 28 ठिकानों पर छापा मारा गया था। जहां से करोड़ों रूपये बारामद किये गये थे। इस कथित भ्रष्टाचार से संबंधित कई दस्तावेज एंटी करप्शन ब्यूरो ने जब्त की थी।
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जिसके बाद आर्थिक अपराध शाखा ने आरोप लगाया था कि छत्तीसगढ़ में राइस मिलों से लाखों क्विंटल बेकार और घटिया चावल खरीदा गया था। इसके बदले कई करोड़ों की रिश्वत ली गई थी। इसी तरह नागरिक आपूर्ति निगम के ट्रांसपोर्टेशन में भी भारी naan scam घोटाला किया गया। नमक की आपूर्ति में भी कथित भ्रष्टाचार किया गया।
भाजपा ने बघेल सरकार को चौतरफ़ा घेरा
बता दें कि अब सुप्रीम ने इस घोटाले की जांच के लिए भूपेश बघेल के आदेश पर बनाई गई स्पेशल टास्क फोर्स के सदस्यों, मुख्यमंत्री और एक बड़े कानून अधिकारी ने, इस naan scam में नाम आने वाले दो वरिष्ठ IAS अधिकारियों के खिलाफ कथित तौर पर मामले को कमजोर किया है। इस गंभीर आरोप के बाद विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने भूपेश बघेल की सरकार पर चौतरफ़ा हमला बोला है। पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा, ‘मुझे यह समझ नहीं आता कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों को बचाने में क्यों लगे हैं? यह मुख्यमंत्री और भ्रष्टाचारी अधिकारियों की सांठगांठ की ओर इशारा करता है।’
