खबर संसार नई दिल्ली ।बीएसएफ का बड़ा दायरा,पंजाब से इस पर कड़ी आलोचना जी हा चन्नी सरकार ने इसे केंद्र सरकार की मनमानी कहा है। इधर बीजेपी कह रही बॉर्डर से लगे कई राज्यों में ड्रोन से हवाई हमले के मद्देनजर की खबर के बाद बीएसएफ की पावर के साथ साथ उसका दायरा बड़ा दिया है। इस आदेश के बाद से खासकर पंजाब में इसे राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। अलग अलग प्रतिक्रिया आ अगर है।
बीएसएफ का बड़ा दायरा,पंजाब से इस पर कड़ी आलोचना
बताते चले की केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र बढ़ा दिया है। जिसके बाद से अब बीएसएफ अधिकारियों को गिरफ्तारी, तलाशी और जब्ती की शक्तियां भी दे दी गई हैं। बीएसएफ को किसी की गुरफतरी के लिए मजिस्ट्रेट की परमिशन की आवश्यकता नहीं रह जाएंगी। सामान्य भाषा में अब मैजिस्ट्रेट के आदेश और वॉरंट के बिना भी बीएसएफ इस अधिकार क्षेत्र के अंदर गिरफ्तारी और तलाशी कर सकता है।
गृह मंत्रालय के नए आदेश से बीएएसफ को पंजाब, पश्चिम बंगाल और असम में सर्च और अरेस्ट करने का अधिकार एरिया 50 किलोमीटर कर दिया गया है, जबकि पहले 15 किलोमीटर था। साथ ही पावर भी बड़ाई गई है। उसे मजिस्ट्रेट परमिशन की जरूरत खत्म कर दी गई है पहले किसी को गिरफ्तारी ,इंक्वायरी हेतु मजिस्ट्रेट की परमिशन लेनी होती थी अब मजिस्ट्रेट की की परमिशन की जरूरत नहीं।
हालांकि गुजरात में बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र को कम किया गया है और सीमा का विस्तार 80 किमी से कम होकर 50 किमी हो गया है, जबकि राजस्थान में दायरा क्षेत्र पहले की तरह ही 50 किलोमीटर रखा गया है। पांच पूर्वोत्तर राज्यों मेघालय, नागालैंड, मिजोरम, त्रिपुरा और मणिपुर के लिए यह दायरा घटाकर 80 से 20 किलोमीटर कर दिया गया है।
बताए चले की भारत-बांग्लादेश के बीच 4096.7 किलोमीटर, भारत-पाकिस्तान के बीच 3323 किलोमीटर सीमा की सुरक्षा का जिम्मा बीएसएफ को मिला हुआ है। जिसमे सबसे ज्यादा 1037 किलोमीटर राजस्थान का जबकि गुजरात और पंजाब का 500 से ज्यादा है जबकि जम्बू कश्मीर 210 किला मीटर की बॉर्डर सीमा लगती है । विदित रहे की बीएसएफ के अधिकार सीमा सुरक्षा बल अधिनियम, 1968 की धारा 139 केंद्र को समय-समय पर सीमा बल के संचालन के क्षेत्र और सीमा को अधिसूचित करने का अधिकार देती है।
