खबर-संसार, नैनीताल : 15 June को लगेगा कैंची धाम मेला, जनिए क्या है प्लानिंग, नैनीताल जिले में स्थित हर वर्ष की तरह बाबा नीम करौली के कैंची धाम मंदिर में वार्षिक मेले का आयोजन होने जा रहा है। यह मेला भवाली नगर के करीब, नीम करौली कैंची धाम में हर वर्ष लगता है। यहां देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु बाबा के दर्शनों के लिए पहुंचते हैं। आगामी 15 June को कैंची धाम मेले के सफल आयोजन के लिए अपर जिलाधिकारी शिवचरण द्विवेदी ने अधिकारियों के साथ बैठक कर दिशा-निर्देश में जारी किये हैं।
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अपर जिलाधिकारी ने दिये दिशा -निर्देश
अपर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को दिशा -निर्देश देते हुए कहा कि बीते दो वर्ष कोरोना के कारण कैंची धाम में मेले का आयोजन नहीं किया गया। इसलिए श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के आसार हैं। सभी लोग अपने दायित्वों को भली-भांति समझते हुए अपने टीम वर्क के साथ तालमेल बनाकर मेले में पार्किंग, यातायात, सुरक्षा व्यवस्थाओं को दुरूस्त रखें। साथ ही पेयजल, विद्युत, शौचालय, सुरक्षा, पार्किंग आदि की उचित प्लानिंग करने को कहा, क्योंकि इस वर्ष कैंची धाम मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इसलिए सारी व्यवस्थाएं दुरूस्त होनी चाहिए।
हनुमान जी के अवतार माने जाते हैं बाबा नीम करौली
बता दें कि बाबा नीब करौली महाराज ने इस आश्रम की स्थापना 1964 में की थी। बाबा 1961 में पहली बार यहां आए और उन्होंने अपने पुराने मित्र पूर्णानंद जी के साथ मिल कर यहां आश्रम बनाने का विचार किया था। मान्यता है कि बाबा नीब करौली को हनुमान जी की उपासना से अनेक चामत्कारिक सिद्धियां प्राप्त थीं। लोग उन्हें हनुमान जी का अवतार भी मानते हैं। हालांकि वह आडंबरों से दूर रहते थे। न तो उनके माथे पर तिलक होता था और न ही गले में कंठी माला। एक आम आदमी की तरह जीवन जीने वाले बाबा अपना पैर किसी को नहीं छूने देते थे। वह श्रद्धालुओं से श्री हनुमान जी के पैर छूने को कहते थे। मान्यता है कि यहां कोई भी व्यक्ति मुराद लेकर आता है तो वह खाली हाथ नहीं लौटता। यहां बाबा का समाधि स्थल भी बना हुआ है। विदेशी भक्तों की बात करें तो यहां अमेरिकी लोग सबसे ज्यादा आते हैं।


