HomeInternationalजुल्फिकार भुट्टो की तरह इमरान खान को भी फांसी पर लटकाने की...

जुल्फिकार भुट्टो की तरह इमरान खान को भी फांसी पर लटकाने की अटकलें!

इस्लामाबाद। जी, हां आप ने सही पढ़ा पीटीआई प्रमुख और पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। उनके खिलाफ देशद्रोह का आरोप लगाने वाले एक वकील की हत्या के मामले में उन्हें भी नामजद किया गया है। वकील अब्दुल रज्जाक शर मंगलवार को क्वेटा में बलूचिस्तान हाईकोर्ट जा रहे थे।

इसी दौरान अज्ञात बंदूकधारियों ने उन्हें गोली मार दी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उनकी कार पर 10 राउंड फायरिंग की गई। इसके कारण मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इस केस में पीटीआई चीफ को भी आरोपी बनाया गया है। अगर वह इस मामले में दोषी साबित होते हैं तो उन्हें भी जुल्फिकार अली भुट्टो की तरह फांसी पर लटका दिया जा सकता है।

म वकील के बेटे ने पीटीआई के ख‍िलाफ दर्ज कराई श‍िकायत 

वकील के बेटे सिराज अहमद ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के नेता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री पर हत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। अहमद ने कहा, “मेरे पिता ने अनुच्छेद 6 के तहत इमरान खान के खिलाफ मामला दर्ज किया था। मुझे यकीन है कि इसीलिए इमरान खान और उनके पीटीआई के लोगों ने मेरे पिता की हत्या कर दी।”

वकील ने पिछले महीने बलूचिस्तान हाईकोर्ट में अपनी याचिका दायर की थी। पाकिस्तान के संविधान के अनुच्छेद 6 के तहत पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ कार्यवाही की मांग की गई थी। आपको बता दें कि यह अनुच्छेद राजद्रोह से जुड़ा मामला है। अपनी याचिका में उन्होंने तर्क दिया था कि अविश्वास प्रस्ताव से बचने के लिए पिछले साल अप्रैल में नेशनल असेंबली को भंग करने के फैसले के कारण इमरान खान पर राजद्रोह का केस करना चाहिए।

भुट्टो के खिलाफ हुआ था केस

पाकिस्तान में 11 नवंबर 1974 को वकील मोहम्मद अहमद खान कसूरी पर हमला हुआ था। हमले के दौरान उनका परिवार भी उनके साथ था। हमलावरों ने कई राउंड फायरिंग की थी। इसमें कसूरी की मौके पर ही मौत हो गई।

उनके बेटे अहमद राजा कसूरी ने अपने पिता की मौत के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो को जिम्मेदार माना था। उनके खिलाफ केस दर्ज कराया था। ठीक इसी समय सेना प्रमुख जिया उल हक ने पाकिस्तान में तख्तापलट कर दिया था। भुट्टो को जेल में डाल दिया था।

इस मामले में करीब 4 साल तक सुनवाई चली। 18 मार्च 1978 को जुल्फिकार अली भुट्टो को लाहौर हाईकोर्ट ने दोषी ठहराया। सुप्रीम कोर्ट से भी उन्हें राहत नहीं मिली। बाद में 4 अप्रैल 1979 को उन्हें फांसी दे दी गई।

इसे भी पढ़े- पवन खेड़ा की कोर्ट में होगी पेशी, ट्रांजिट रिमांड पर असम ले जाएगी पुलिस

RELATED ARTICLES
-Advertisement-spot_img
-Advertisement-spot_img
-Advertisement-spot_img
-Advertisement-
-Advertisement-
-Advertisement-

Most Popular

About Khabar Sansar

Khabar Sansar (Khabarsansar) is Uttarakhand No.1 Hindi News Portal. We publish Local and State News, National News, World News & more from all over the strength.