आम आदमी पार्टी (AAP) में एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। पार्टी के तीन राज्यसभा सांसद—राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल—ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने का ऐलान किया है। इस घटनाक्रम को AAP के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
राघव चड्ढा का बड़ा आरोप
राघव चड्ढा ने पार्टी छोड़ने की घोषणा करते हुए AAP पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह पार्टी अब देशहित के बजाय व्यक्तिगत लाभ के लिए काम कर रही है। उनका कहना था कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन से जन्मी पार्टी अब समझौता करने वाले लोगों के नियंत्रण में आ चुकी है। चड्ढा ने दावा किया कि AAP के लगभग दो-तिहाई सांसद जल्द ही BJP का दामन थाम सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले एक साल से वह पार्टी की गतिविधियों से दूरी बनाए हुए थे क्योंकि वे पार्टी के कथित गलत कार्यों से सहमत नहीं थे।
संदीप पाठक ने भी तोड़ा रिश्ता
संदीप पाठक ने भी AAP से अलग होने का ऐलान करते हुए कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा दिन आएगा। उन्होंने बताया कि वह एक किसान परिवार से आते हैं और देश सेवा के उद्देश्य से राजनीति में आए थे। उन्होंने हमेशा पार्टी और नेतृत्व को प्राथमिकता दी, लेकिन अब उनके रास्ते अलग हो गए हैं। पाठक ने कहा कि उन्होंने पूरी ईमानदारी से काम किया, लेकिन अब उनकी विचारधारा पार्टी से मेल नहीं खाती।
अशोक मित्तल की भूमिका भी अहम
हाल ही में अशोक मित्तल को राज्यसभा में AAP का उपनेता बनाया गया था, जिससे यह संकेत मिला था कि पार्टी में नेतृत्व स्तर पर बदलाव हो रहे हैं। हालांकि अब मित्तल भी राघव चड्ढा के साथ BJP में शामिल होने जा रहे हैं। इससे पहले उनके आवास पर हुई छापेमारी भी चर्चा में रही थी, जिसने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी थी।
AAP के लिए बड़ा राजनीतिक झटका
तीनों वरिष्ठ नेताओं का एक साथ पार्टी छोड़ना AAP के लिए बड़ा नुकसान माना जा रहा है। इससे न केवल पार्टी की छवि प्रभावित होगी, बल्कि संसद में उसकी स्थिति भी कमजोर पड़ सकती है।
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