आजकल 5 अगस्त की चर्चा जोरों पर है। वहां के लोग तो दबी जुबान में ये भी कह रहे हैं कि 5 अगस्त को हो ना हो भारत फिर कुछ बड़ा करने जा रहा है। 5 अगस्त ही वो तारीख थी जब 2019 में मोदी सरकार ने जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटा दिया था।
5 अगस्त 2019 के बाद एक नया जम्मू-कश्मीर उभर रहा है जहां युवा अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। अब फिर एक बार 5 अगस्त के ही दिन भारत एक और इतिहास बनाने के करीब पहुंच गया है। 1 दिन बाद हमारा चंद्रयान चांद की कक्षा में प्रवेश कर जाएगा। इस अग्निपरीक्षा को पास करने के साथ ही हम चांद पर तिरंगा लहराने के बेहद करीब खड़े होंगे।
5 अगस्त की तारीख बेहद खास
जम्मू कश्मीर के लोग 5 अगस्त 2019 से आगे बढ़ चुके हैं। लेकिन पाकिस्तान की सरकार और 22 करोड़ जनता अब तक 5 अगस्त पर अटकी हुई है। शहबाज शरीफ सरकार के शह पर एजेंडा चलाने में लगे हैं। इसरो के मुताबिक करीब 23 दिन की और यात्रा करने के बाद चंद्रयान 3 चांद की सतह पर लैंड करेगा।
बता दें कि चंद्रयान 3 को 14 जुलाई को लॉन्च किया गया था। चंद्रयान 3 ने 1 अगस्त को पृथ्वी के चारो ओर परिक्रमा पूरी कर ली है। पृथ्वी की कक्षा से बाहर जा चुके चंद्रयान 3 को अभी चांद तक पहुंचने के लिए 3.8 लाख किलोमीटर की यात्रा और करनी है। इसरो का कहना है कि लूनर ऑर्बिट इंसर्न की 5 अगस्त की योजना बनाई गई है।
अगर सबकुछ योजना के अनुसार रहा तो लेंडर विक्रम 23 अगस्त को शाम 5:47 बजे चंद्रमा की सतह पर उतरेगा। यानी अगर इस तरह देंखे तो 23 अगस्त बुधवार का दिन देश के लिए सबसे अहम रहेगा। हम सभी की निगाहें चंद्रयान पर अटकी होंगी। हम सभी ये प्रार्थना कर रहे होंगे कि वो सकुशल चांद की सतह पर उतर आए। ये भारतीय अंतरिक्ष मिशन का ऐसा क्षण होगा, जिसमें सफलता के बाद इसरो के लिए बहुत कुछ बदल जाएगा।
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