जयपुर एक्सप्रेस ट्रेन में अंधाधुंध फायरिंग कर एएसआई सहित चार लोगों की जान लेने वाले आरोपी आरपीएफ कांस्टेबल चेतन सिंह ने पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि अगर ट्रेन बीच रास्ते में नहीं रुकती और उसे मौका मिलता तो वो 7-8 लोगों को और मारने वाला था।
रेलवे पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शनिवार को करीब 7 घंटे हुई पूछताछ के दौरान चेतन सिंह ने एक सवाल के जवाब में कहा कि उसकी आखिरी ख्वाहिश पाकिस्तान जाकर वहां के लोगों को मारने की है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि चेतन सिंह के ये सभी स्टेटमेंट अपने आपको मेंटल साबित करके खुद को बचाने का पैंतरा हो सकता है।
रेलवे पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 7 अगस्त को बोरीवली कोर्ट में हुई पेशी के दौरान GRP ने यह दलील दी कि वह अभी भी पूरे ट्रेन के सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रहे हैं और पूरी घटना का एनालिसिस कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक GRP ने कोर्ट में यह भी कहा कि वह यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि चेतन सिंह ने किसी के कहने पर इस गोलीकांड को अंजाम तो नहीं दिया।
जवान को किए का नहीं है पछतावा
रेलवे पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान चेतन सिंह के चेहरे पर उसके किए का ना कोई अफसोस नजर आ रहा है और ना ही कोई पछतावा है। सूत्रों के मुताबिक घटना में मृत यात्री सय्यद सैफ़ुद्दीन के साथी यात्री जफर खान के बयान के आधार पर चेतन सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा-363, 341 और 342 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है
इससे पहले पोस्टमार्टम रिपोर्ट के दौरान पुलिस ने खुलासा किया था कि आरपीएफ जवान इतने गुस्से में था कि उसने चार गोली मारकर एएसआई की हत्या की थी। इसके बाद उसने एक अन्य यात्री पर तीन गोलियां चलाई जबकि दो यात्रियों को दो-दो गोली मारकर मौत के घाट उतारा था। पेश मामले में जब पुलिस उसके ड्यूटी रोस्टर पर साइन कराने गई तब उसने रोस्टर को भी फाड़ कर फेंक दिया था।
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