शरीर को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन्स की अहम भूमिका होती है। इनमें से एक जरूरी पोषक तत्व है विटामिन K, जिसकी कमी कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती है। खासकर नवजात शिशुओं और कुछ विशेष परिस्थितियों में रह रहे लोगों के लिए यह स्थिति ज्यादा जोखिम भरी हो सकती है।
शरीर में क्या काम करता है विटामिन K?
विटामिन K फैट में घुलनशील यौगिकों का एक समूह है, जो मुख्य रूप से खून को जमाने की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाता है। यह कई जरूरी प्रोटीन को सक्रिय करता है, जिससे शरीर में चोट लगने पर खून का बहाव नियंत्रित रहता है।
1. खून का थक्का बनने में मदद
अगर शरीर में विटामिन K की कमी हो जाए, तो खून सही तरीके से नहीं जम पाता। इससे हल्की चोट में भी ज्यादा खून बह सकता है।
2. हड्डियों को बनाता है मजबूत
विटामिन K ऑस्टियोकैल्सिन नामक प्रोटीन के निर्माण में सहायता करता है, जो कैल्शियम को हड्डियों से जोड़ता है। इसकी कमी से हड्डियां कमजोर हो सकती हैं और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है।
3. दिल की सेहत से भी जुड़ा
यह पोषक तत्व धमनियों (आर्टरीज) में कैल्शियम के जमाव को नियंत्रित करता है। यदि इसका स्तर कम हो जाए तो धमनियों में कैल्शियम जमा हो सकता है, जिससे हृदय रोग का जोखिम बढ़ सकता है।
नवजात शिशुओं के लिए क्यों है जरूरी?
नवजात बच्चों में विटामिन K का स्तर जन्म के समय बहुत कम होता है। उनकी आंतों में वे लाभकारी बैक्टीरिया भी नहीं होते, जो विटामिन K बनाने में मदद करते हैं।
ऐसी स्थिति में हेमोरेजिक डिजीज ऑफ द न्यूबॉर्न (Vitamin K Deficiency Bleeding) का खतरा बढ़ जाता है। गंभीर मामलों में दिमाग के अंदर रक्तस्राव जैसी जानलेवा समस्या भी हो सकती है।
इसी वजह से जन्म के तुरंत बाद शिशुओं को विटामिन K का इंजेक्शन देने की सलाह दी जाती है।
किन लोगों को है ज्यादा खतरा?
अमेरिका की National Library of Medicine के अनुसार कुछ लोगों में इसकी कमी का जोखिम ज्यादा होता है:
- खून पतला करने वाली दवाएं लेने वाले लोग
- लंबे समय तक एंटीबायोटिक लेने वाले मरीज
- जिनके आहार में विटामिन K की कमी हो
- विटामिन A या E की अधिक मात्रा लेने वाले
- वे लोग जिनके शरीर में फैट का अवशोषण सही से नहीं हो पाता
कैसे करें बचाव?
- हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, मेथी, ब्रोकोली का सेवन करें
- संतुलित और पौष्टिक आहार लें
- डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट लें
- नवजात शिशु को समय पर विटामिन K का डोज जरूर दिलवाएं
विटामिन K की कमी को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। यह सिर्फ ब्लीडिंग की समस्या ही नहीं, बल्कि हड्डियों और दिल की सेहत को भी प्रभावित करता है। समय पर पहचान, संतुलित आहार और सही मेडिकल सलाह से इस जोखिम से आसानी से बचा जा सकता है।
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