नयी दिल्ली । बाबा रामदेव की अगुआई वाली पतंजलि आयुर्वेद ने अपने घरेलू और निजी देखभाल कारोबार को 1,100 करोड़ रुपये में समूह की सूचीबद्ध कंपनी पतंजलि फूड्स लिमिटेड को बेचने का फैसला किया है। इस अधिग्रहण से खाद्य तेल कंपनी पतंजलि फूड्स को एफएमसीजी (दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली) कंपनी बनने में मदद मिलेगी।
पतंजलि फूड्स ने शेयर बाजार को बताया कि उसके निदेशक मंडल ने पतंजलि आयुर्वेद के पूरा गैर-खाद्य कारोबार यानी बालों और त्वचा की देखभाल, दांतों की देखभाल और घर में उपयोग वाले उत्पादों के अधिग्रहण को मंजूरी दे दी है।इसमें सभी चल संपत्तियां, अचल संपत्तियां, अनुबंध, लाइसेंस, किताबें और रिकॉर्ड, कर्मचारी और पीएएल की कुछ ग्रहण की गई देनदारियां शामिल हैं।
सौदा शेयरधारकों, कर्जदाताओं और अन्य आवश्यक मंजूरियों के अधीन है
यह सौदा शेयरधारकों, कर्जदाताओं और अन्य आवश्यक मंजूरियों के अधीन है। पतंजलि फूड्स ने कहा कि यह सौदा कंपनी के एक अग्रणी एफएमसीजी कंपनी में बदलने की प्रक्रिया को गति देगा। शेयर बाजार को दी जानकारी के मुताबिक पतंजलि फूड्स और पतंजलि आयुर्वेद ने लाइसेंस समझौते पर भी सहमति जताई है, जिससे कंपनी को पतंजलि आयुर्वेद के स्वामित्व वाले ट्रेडमार्क और संबंधित बौद्धिक संपदा अधिकारों का उपयोग करने की अनुमति मिलेगी।
यह सौदा स्वतंत्र मूल्यांकनकर्ताओं के मूल्यांकन के आधार पर 1,100 करोड़ रुपये की एकमुश्त राशि में हुआ है। निदेशक मंडल की मंजूरी के बाद, पतंजलि फूड्स अब अधिग्रहण के संबंध में निश्चित समझौतों को लागू करने के लिए जरूरी कदम उठाएगी और आवश्यक मंजूरियां हासिल करने के लिए आवेदन करेगी।
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