सेलिब्रिटी शेफ कुणाल कपूर के तलाक की मंजूरी देने वाले दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय और न्यायमूर्ति एसवीएन भट्टी की बेंच ने इस मामले में कुणाल कपूर से जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को शेफ कुणाल कपूर की पत्नी की याचिका पर सुनवाई कर रहा था।
उनकी पत्नी ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। सुप्रीम कोर्ट ने तलाक पर रोक लगाते हुए मामले को अदालत के बाहर समझौते की संभावना तलाशने के लिए सुप्रीम कोर्ट मध्यस्थता केंद्र को भेज दिया। दिल्ली हाईकोर्ट ने अप्रैल में सेलिब्रिटी शेफ को उसकी पत्नी द्वारा क्रूरता के आधार पर तलाक दे दिया था।
कोर्ट ने इस आधार पर दिया था तलाक
हाईकोर्ट ने कहा था कि कपूर की पत्नी का उनके प्रति आचरण गरिमा और सहानुभूति से रहित था। इसने पक्षों के बीच आदान-प्रदान किए गए व्हाट्सएप संदेशों की जांच की और पाया कि कपूर को अपने बेटे से मिलने या बात करने की अनुमति नहीं दी जा रही थी। कपूर की शादी साल 2008 में हुई और 2012 में उनके एक बेटे का जन्म हुआ। शादी के दौरान उनकी पत्नी को उन्हें और उनके परिवार को धमकाने के लिए पुलिस को फोन करने की आदत थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि सितंबर 2016 में, जब वह याह राज स्टूडियो में मास्टरशेफ इंडिया की शूटिंग कर रहे थे, तो उनकी पत्नी अपने नाबालिग बेटे के साथ स्टूडियो में घुस गईं और उनके कार्यस्थल पर हंगामा खड़ा कर दिया, जिसके बाद उन्हें उसके खिलाफ निरोधक आदेश मिला।
कपूर ने यह भी कहा कि चूंकि उन्होंने लोगों का ध्यान आकर्षित करना शुरू कर दिया था, इसलिए उनकी पत्नी ने मीडिया में झूठी अफवाह फैलाने और उनके और उनके माता-पिता के खिलाफ झूठी आपराधिक शिकायतें दर्ज करने की धमकी दी। एक बार तो उनकी पत्नी ने उन्हें शूटिंग पर जाने से ठीक पहले थप्पड़ भी मार दिया था।
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