उत्तराखंड एसटीएफ (STF) और साइबर थाना कुमाऊं परिक्षेत्र की संयुक्त टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए काठगोदाम क्षेत्र में चल रहे साइबर अपराध के नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में 6 युवकों को गिरफ्तार किया गया है जो फर्जी वेबसाइट, गेमिंग पोर्टल और बैंक खातों के जरिए करोड़ों की ऑनलाइन ठगी कर रहे थे।
सुनसान इलाके में बनाया गया था साइबर क्राइम सेंटर
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि अमृतपुर गांव स्थित एक निर्माणाधीन होमस्टे के कमरों में यह गिरोह साइबर ठगी को अंजाम दे रहा था। आरोपी व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप्स के माध्यम से देशभर से ठगी का धन इकट्ठा कर उसे विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर रहे थे।
बरामद हुए हाईटेक गैजेट और दस्तावेज
कार्रवाई के दौरान टीम ने 6 लैपटॉप, 23 महंगे मोबाइल, 17 सिम कार्ड, 9 बैंक खातों की डिटेल्स, बारकोड स्कैनर, वाईफाई डिवाइस और चेकबुक आदि बरामद की। पूछताछ में खुलासा हुआ कि इन सभी का इस्तेमाल नेट बैंकिंग और ओटीपी के जरिए धोखाधड़ी के लिए किया जा रहा था।
गिरोह में बाहर से आए युवक भी शामिल
गिरफ्तार अभियुक्तों में कुछ उत्तर प्रदेश के भी हैं, जिनमें से एक युवक ने बताया कि उन्हें हर महीने ₹25,000 तक की तनख्वाह दी जाती थी। उन्हें ऑनलाइन ठगी की पूरी ट्रेनिंग व्हाट्सएप के माध्यम से दी गई थी। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें अलग-अलग बैंक खातों, मोबाइल नंबर और नेट बैंकिंग तकनीकों का इस्तेमाल सिखाया गया था।
मास्टरमाइंड की तलाश जारी
पूछताछ में सामने आया कि “सचिन मित्तल” नामक व्यक्ति इस गिरोह का संचालन करता था, जिसकी लोकेशन और पहचान अभी पुलिस जांच में है। साथ ही अन्य राज्यों में इस गिरोह से संबंधित मामलों की जानकारी के लिए स्थानीय पुलिस से संपर्क किया जा रहा है।
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