गुवाहाटी। असम सरकार ने राज्य में अवैध प्रवासियों पर लगाम कसने के लिए आधार कार्ड जारी करने की प्रक्रिया को सख्त बनाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि अब 18 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों को आधार कार्ड केवल जिले के डिप्टी कमिश्नर की स्वीकृति से ही जारी किया जाएगा।
मुख्यमंत्री सरमा ने दी जानकारी, अवैध बांग्लादेशियों की वापसी भी तेज
मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में 20 बांग्लादेशी नागरिकों को वापस उनके देश भेजा गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में चल रहे अभियान के तहत अवैध विदेशी नागरिकों की पहचान कर उन्हें वापस भेजा जा रहा है। इस प्रक्रिया को आधार कार्ड नियमों को सख्त बनाकर और प्रभावी बनाया जाएगा।
अब केवल बच्चों और नवजातों को मिलेगा आधार कार्ड
सरमा ने कहा कि राज्य में पिछले दो वर्षों में वयस्कों को आधार कार्ड जारी कर दिया गया है। अब यह सुविधा केवल बच्चों और नवजात शिशुओं तक सीमित कर दी जाएगी। जिन वयस्कों के पास अब तक आधार कार्ड नहीं है, उन्हें जिला आयुक्त से संपर्क करना होगा।
जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र के नियम भी होंगे सख्त
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र की प्रक्रिया को भी कड़ा किया जाएगा। उन्होंने कहा, “पहले लोग वर्षों बाद भी जन्म प्रमाणपत्र बनवा लेते थे, जिससे दस्तावेज़ों में धोखाधड़ी संभव होती थी। अब हम इसे समयबद्ध और सत्यापन आधारित प्रक्रिया बनाएंगे।”
राज्य की सुरक्षा प्राथमिकता, अवैध घुसपैठ पर लगेगी रोक
सरमा ने कहा कि यह कदम राज्य की सुरक्षा और जनसांख्यिकीय संतुलन को बनाए रखने की दिशा में उठाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब कोई भी अवैध अप्रवासी पहचान पत्र प्राप्त कर नागरिकता का दावा नहीं कर सकेगा।
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