अमेरिका और भारत के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिका लगातार भारत पर दबाव बना रहा है। व्हाइट हाउस के पूर्व व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि “यह मोदी का युद्ध है और शांति का रास्ता नई दिल्ली से होकर गुजरता है।”
नवारो ने आरोप लगाया कि भारत रूस से सस्ता तेल खरीदता है और वही पैसा यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में इस्तेमाल हो रहा है। उनका दावा है कि यदि भारत तुरंत रूस से तेल खरीदना बंद कर दे, तो अमेरिका 24 घंटे में 25% टैरिफ कम कर सकता है।
50% टैरिफ का असर भारतीय उद्योगों पर
ट्रंप प्रशासन द्वारा भारतीय वस्तुओं पर 50% तक टैरिफ लागू कर दिया गया है। यह अब तक किसी एशियाई देश पर लगाया गया सबसे बड़ा शुल्क है। इससे भारत के सबसे बड़े निर्यात बाजार, अमेरिका को भेजे जाने वाले 55% से अधिक उत्पाद प्रभावित होंगे। हालांकि इलेक्ट्रॉनिक्स और दवाओं जैसे प्रमुख उत्पादों को छूट मिली है, लेकिन कपड़ा, आभूषण और अन्य श्रम-प्रधान उद्योगों पर बड़ा असर पड़ेगा।
अमेरिका की नाराजगी क्यों?
नवारो ने कहा कि भारत की वजह से अमेरिकी उपभोक्ता, व्यवसाय और मजदूर नुकसान झेल रहे हैं। ऊंचे टैरिफ के कारण अमेरिकी नौकरियां, फैक्ट्रियां और मजदूरी प्रभावित हो रही है। उन्होंने यहां तक कहा कि करदाताओं को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है क्योंकि अमेरिका को यूक्रेन युद्ध के लिए संसाधन देने पड़ रहे हैं। अमेरिका का यह कदम ऐसे समय आया है जब रूस-यूक्रेन युद्ध थमने का कोई संकेत नहीं है और वैश्विक व्यापार पर इसका गहरा असर पड़ रहा है।
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