प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जापान दौरे के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका लगा है। जापान ने अमेरिका के साथ होने वाली 550 अरब डॉलर (करीब 45.92 लाख करोड़ रुपये) की निवेश डील को अचानक रोक दिया है।
अचानक क्यों टूटी डील?
दरअसल, जापान के कारोबार सलाहकार रयोसेई इस समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अमेरिका जाने वाले थे, लेकिन उन्होंने आखिरी समय पर यह दौरा रद्द कर दिया। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पीएम मोदी जापान में मौजूद हैं और उनका भव्य स्वागत किया जा रहा है।
अमेरिका की टैरिफ नीति बनी विवाद की जड़
ट्रंप प्रशासन ने अपनी ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति के तहत कई देशों पर आयात शुल्क बढ़ाए थे, जिनमें जापान भी शामिल था। जापान पर ऑटोमोबाइल और ऑटो पार्ट्स जैसे क्षेत्रों में 25% टैरिफ लगाया गया था। जुलाई 2025 में दोनों देशों ने इसे घटाकर 15% करने पर सहमति जताई थी। इसके बदले जापान ने अमेरिका में 550 अरब डॉलर निवेश का प्रस्ताव दिया था।
चावल पर क्यों अटकी बातचीत?
डील रुकने का एक बड़ा कारण जापानी चावल है। अमेरिकी कृषि उत्पादों को जापानी बाजार में जगह देने की शर्त ने विवाद खड़ा कर दिया। जापानी किसान अमेरिकी चावल का कड़ा विरोध कर रहे हैं। उनका मानना है कि सस्ता चावल उनके बाजार को खत्म कर देगा। दशकों से जापान में अमेरिकी चावल का विरोध होता रहा है। यहां के लोग स्टिकी राइस को ज्यादा पसंद करते हैं और इसे पोषक मानते हैं।
मतभेद से निवेश पर ब्रेक
जापान का कहना है कि निवेश तभी होगा जब समझौता दोनों देशों के हित में हो। जबकि ट्रंप अपनी शर्तों पर निवेश चाहते हैं। यही वजह है कि मेगा डील पर फिलहाल रोक लग गई है।
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