भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नैरेटिव वॉर छेड़ने में नाकाम चीन अब इजरायल पर अपना एजेंडा थोपने की कोशिश कर रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन पड़ोसी देशों के साथ मिलकर इजरायल को अस्थिर करने के षड्यंत्र में जुटा है। इस खेल में कतर और ईरान जैसे देश भी उसका साथ दे रहे हैं।
नेतन्याहू का कड़ा संदेश
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पहली बार चीन को खुलकर धमकी दी है। उन्होंने कहा कि भले ही वे मुक्त बाजार के समर्थक हैं, लेकिन हालात ऐसे बन रहे हैं जहां इजरायल का हथियार उद्योग प्रभावित हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इजरायल अपनी रक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए स्वतंत्र रूप से उत्पादन क्षमता बढ़ाएगा।
सोशल मीडिया पर चल रहा इजरायल विरोधी अभियान
नेतन्याहू ने आरोप लगाया कि चीन और कतर पश्चिमी मीडिया और अमेरिकी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए इजरायल को घेरने की साजिश कर रहे हैं। विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में इजरायल विरोधी प्रदर्शन और सोशल मीडिया पर नकारात्मक कैंपेन इसी एजेंडे का हिस्सा बताए जा रहे हैं।
भारत जैसा पैटर्न इजरायल पर भी
भारत के खिलाफ पहले किसान आंदोलन, सीएए और मणिपुर जैसे मुद्दों पर चीन द्वारा नैरेटिव वॉर छेड़े जाने का आरोप लग चुका है। अब वही पैटर्न इजरायल पर आजमाया जा रहा है। पीएम मोदी की तरह नेतन्याहू भी इस वैश्विक षड्यंत्र का मुकाबला करने की तैयारी में हैं।
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