करीब 30 साल बाद भारत में तालिबान का कोई बड़ा नेता कदम रखने जा रहा है। यह वही आमिर खान मुत्ताकी हैं जो कभी पाकिस्तान के करीबी माने जाते थे, लेकिन अब पाकिस्तान के खिलाफ खुलकर खड़े हैं। पाकिस्तान ने हरसंभव कोशिश की कि ये यात्रा टल जाए, मगर भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) से विशेष अनुमति लेकर मुत्ताकी को दिल्ली बुलाने में सफलता हासिल की।
भारत आएंगे तालिबान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी
अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी 9 अक्टूबर से 16 अक्टूबर तक भारत दौरे पर रहेंगे। अपने दौरे के दौरान वे विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल से मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि इस यात्रा के दौरान भारत और अफगानिस्तान के बीच सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा होगी।
UNSC से मिली विशेष अनुमति
मुत्ताकी पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की यात्रा पाबंदी लगी हुई थी, जिसे भारत यात्रा के लिए अस्थायी रूप से हटा दिया गया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पुष्टि की कि मुत्ताकी को 9-16 अक्टूबर के बीच भारत आने की अनुमति मिल गई है। हालांकि, उन्होंने यात्रा के एजेंडे पर कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।
पाकिस्तान की बढ़ी बेचैनी
मुत्ताकी को पहले अगस्त में ही भारत आना था, लेकिन पाकिस्तान ने UNSC में आपत्ति दर्ज कराई थी। अब जब भारत मुत्ताकी को दिल्ली बुलाने में सफल रहा है, तो पाकिस्तान की बेचैनी बढ़ गई है। विश्लेषकों का मानना है कि ये यात्रा भारत-तालिबान संबंधों में नई शुरुआत और पाकिस्तान की कूटनीतिक चिंता का संकेत है।
नया भू-राजनीतिक समीकरण बन रहा है
तालिबान नेता का यह दौरा उस समय हो रहा है जब अमेरिका और पाकिस्तान अफगानिस्तान से जुड़ी नई रणनीतियों पर काम कर रहे हैं। ऐसे में भारत का मुत्ताकी से संवाद करना दक्षिण एशिया में शक्ति संतुलन के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
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