HomeNationalमोदी का मास्टरस्ट्रोक: तेल से मिसाइल तक अमेरिका को चित किया भारत...

मोदी का मास्टरस्ट्रोक: तेल से मिसाइल तक अमेरिका को चित किया भारत ने!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर ऐसा निर्णय लिया जिसने वॉशिंगटन तक हलचल मचा दी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों के विपरीत भारत ने रूस से तेल खरीद पर कोई रोक नहीं लगाई। ट्रंप ने दावा किया था कि मोदी ने आश्वासन दिया कि भारत रूस से तेल नहीं खरीदेगा, परंतु कुछ दिनों बाद उन्होंने खुद अपने बयान से पलटी मारी। इसके जवाब में भारत ने न केवल तेल खरीद जारी रखी बल्कि उसमें वृद्धि भी कर दी।


रूस से तेल खरीद में बड़ी बढ़ोतरी

ऊर्जा क्षेत्र की एजेंसी कैपलर की रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने अक्टूबर में रूस से तेल आयात में 2.5 लाख बैरल प्रतिदिन की बढ़ोतरी की है। अब भारत 1.8 मिलियन बैरल प्रतिदिन तेल रूस से खरीद रहा है। इस बढ़ोतरी ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारत अपने ऊर्जा हितों के लिए किसी के दबाव में नहीं है। सस्ता रूसी तेल भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक “बूस्टर डोज़” साबित हो रहा है। जब अमेरिका और यूरोप ने रूस से दूरी बनाई, तब भारत ने अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता दी — और वही आज असर दिखा रहा है।


रक्षा क्षेत्र में मेगा डील की तैयारी

तेल के बाद भारत ने रक्षा मोर्चे पर भी बड़ा कदम उठाया है। सरकार रूस से 10,000 करोड़ रुपये की मिसाइल डील की तैयारी कर रही है। यह सौदा एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम के लिए नई मिसाइलों की आपूर्ति से जुड़ा है। एस-400 ने पहले भी भारत की सीमा सुरक्षा में अहम भूमिका निभाई थी — जब पाकिस्तान की ओर से ड्रोन और मिसाइल गतिविधियाँ बढ़ीं, तो इस सिस्टम ने तुरंत जवाब दिया था। अब भारत इसे और मजबूत बनाने की दिशा में बढ़ रहा है।


79,000 करोड़ की रक्षा आधुनिकीकरण परियोजनाएं

रक्षा मंत्रालय ने हाल ही में कई नई परियोजनाओं को प्राथमिक मंजूरी दी है। इनमें उभयचर युद्धक जहाज, सशस्त्र ड्रोन, एस-400 वायु रक्षा मिसाइलें, और स्वदेशी नाग एंटी-टैंक मिसाइल सिस्टम शामिल हैं। इन परियोजनाओं की कुल लागत लगभग 79,000 करोड़ रुपये (9 बिलियन डॉलर) है। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, नया मिसाइल ऑर्डर न केवल एस-400 प्रणालियों की पूर्ति करेगा, बल्कि भविष्य के लिए भंडार भी तैयार करेगा।


भारत की विदेश नीति में आत्मनिर्भरता का संदेश

विश्लेषकों के अनुसार, यह कदम भारत की स्वतंत्र विदेश नीति और आर्थिक आत्मनिर्भरता दोनों का प्रतीक है। पश्चिमी देशों के दबाव के बावजूद, भारत ने अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। भारत का यह फैसला दिखाता है कि वह अब केवल वैश्विक समीकरणों का हिस्सा नहीं, बल्कि उन्हें दिशा देने की क्षमता रखता है। भारत का यह कदम स्पष्ट संकेत देता है कि देश अब अपने ऊर्जा और सुरक्षा हितों से कोई समझौता नहीं करेगा। रूस से बढ़ते रिश्ते और आत्मनिर्भर नीति ने भारत को नई वैश्विक ताकत के रूप में स्थापित कर दिया है।


इसे भी पढ़े- पवन खेड़ा की कोर्ट में होगी पेशी, ट्रांजिट रिमांड पर असम ले जाएगी पुलिस

RELATED ARTICLES
-Advertisement-
-Advertisement-
-Advertisement-
-Advertisement-
-Advertisement-
-Advertisement-
-Advertisement-

Most Popular

About Khabar Sansar

Khabar Sansar (Khabarsansar) is Uttarakhand No.1 Hindi News Portal. We publish Local and State News, National News, World News & more from all over the strength.