पंजाब प्रांत के फैसलाबाद जिले के मलिकपुर में शुक्रवार सुबह एक रासायनिक कारखाने में हुए भीषण बॉयलर विस्फोट ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास की कई इमारतें ढह गईं, जिनमें एक फैक्ट्री बिल्डिंग भी शामिल है।
फैसलाबाद के उपायुक्त राजा जहाँगीर अनवर के अनुसार, बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है और मलबे में और लोगों के दबे होने की आशंका बनी हुई है। उन्होंने बताया कि अब तक मलबे से 15 शव निकाले जा चुके हैं और सात घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। जिला प्रशासन और राहत टीमें मलबा हटाने में लगातार लगी हुई हैं।
राहत और बचाव एजेंसियों को हाई अलर्ट
घटना के बाद पंजाब के पुलिस महानिरीक्षक डॉ. उस्मान अनवर ने सभी संबंधित एजेंसियों—रेस्क्यू 1122, अग्निशमन विभाग और आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों—को समन्वित तरीके से काम करने के निर्देश दिए हैं।
पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज़ ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने फैसलाबाद आयुक्त से विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की है और विस्फोट के कारणों की गहन पड़ताल के आदेश दिए हैं। साथ ही प्रदेश के अन्य रासायनिक कारखानों में सुरक्षा जांच को भी तेज कर दिया गया है।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
यह भीषण दुर्घटना एक बार फिर प्रदेश में औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। इससे पहले सियालकोट की एक कपड़ा फैक्ट्री में गैस रिसाव से कई लोगों की मौत हुई थी। लगातार हो रही ऐसी घटनाएँ उद्योगों में पुराने उपकरणों, ढीली सुरक्षा व्यवस्थाओं और कमजोर आपात तैयारी को उजागर करती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन नहीं किया जाता, इस तरह के हादसे दोहराए जा सकते हैं। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान राहत-बचाव कार्य और पीड़ितों के परिजनों की सहायता पर केंद्रित है।
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