आज के समय में लंबी और सेहतमंद जिंदगी के लिए लोग महंगे डाइट प्लान और फिटनेस ट्रेंड अपनाते हैं, लेकिन सच इससे बिल्कुल अलग है। मेडिसिटी मेदान्ता हॉस्पिटल के चेयरमैन और वरिष्ठ डॉक्टर नरेश त्रेहान के मुताबिक, असली चाबी हमारी रोजमर्रा की आदतों में छुपी है।
पानी और एक्टिव लाइफ है पहली शर्त
विशेषज्ञ कहते हैं कि चाहे प्यास लगे या न लगे, दिन में कम से कम 2 लीटर पानी जरूर पीना चाहिए। इससे शरीर के टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं। इसके साथ ही ज्यादा देर लेटे रहना शरीर को कमजोर बनाता है, इसलिए चलना-फिरना और हल्की एक्सरसाइज बेहद जरूरी है।
कम खाएं, समझदारी से खाएं
उनका तीसरा मंत्र है – कम और पौष्टिक भोजन। जरूरत से ज्यादा खाना बीमारियों को न्योता देता है। खासतौर पर रात के समय कार्बोहाइड्रेट से दूरी बनानी चाहिए।
गाड़ी, लिफ्ट और गुस्से से दूरी
डॉ. त्रेहान वाहन और लिफ्ट के अधिक इस्तेमाल से बचने की सलाह देते हैं। पैदल चलना शरीर के लिए वरदान है। साथ ही, गुस्से पर कंट्रोल और सोच-समझकर बोलना मानसिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।
धन, अहंकार और निराशा छोड़िए
उनका मानना है कि जरूरत से ज्यादा धन का मोह, अहंकार और निराशा जिंदगी की खुशी छीन लेते हैं। जो नहीं मिला, उसके लिए दुखी होने के बजाय जो है, उसका आनंद लेना चाहिए।
उम्र को स्वीकार करें, रिश्तों को निभाएं
सफेद बालों को छुपाने की चिंता छोड़कर यादों, यात्राओं और रिश्तों में खुशियां ढूंढिए। अपनों से प्यार, सहानुभूति और साथ मिलकर जीना ही लंबी उम्र का असली मंत्र है।
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