अल्मोड़ा। राष्ट्रीय युवा दिवस (स्वामी विवेकानंद जयंती) के अवसर पर उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के निर्देशन में अल्मोड़ा जिले के दुर्गम क्षेत्र सल्ट के ग्राम सौराल में आठ दिवसीय विधिक जागरूकता अभियान के तहत विशेष शिविर का आयोजन किया गया। इस अभियान का उद्देश्य युवाओं और ग्रामीण समुदाय को उनके अधिकारों, कर्तव्यों और सामाजिक बुराइयों के प्रति जागरूक करना रहा।
नालसा थीम गीत से हुआ शिविर का शुभारंभ
जागरूकता शिविर का शुभारंभ नालसा के थीम गीत “एक मुट्ठी आसमान” के साथ किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अल्मोड़ा की सचिव शचि शर्मा ने उपस्थित जनसमुदाय को विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
नशा मुक्ति से लेकर साइबर अपराध तक पर फोकस
शिविर में एनसीबी की ई-प्रतिज्ञा पहल “जीवन को हां कहें, नशीली दवाओं को ना कहें”, नालसा (मादक द्रव्यों के खतरे का उन्मूलन) योजना 2025, निःशुल्क कानूनी सहायता, नशे के दुष्परिणाम एवं रोकथाम, साइबर अपराध, मानसिक स्वास्थ्य, लैंगिक समानता और महिलाओं की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
बाल विवाह और महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष चर्चा
कार्यक्रम के दौरान बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006, नागरिकों के मौलिक अधिकार और कर्तव्य, शिक्षा और कानून की भूमिका, प्रमुख गैर-सरकारी संगठनों के योगदान पर भी चर्चा की गई। ग्रामीणों को राष्ट्रीय टोल-फ्री नशा मुक्ति हेल्पलाइन 14446, मानस हेल्पलाइन 1933 और नालसा हेल्पलाइन 15100 की जानकारी दी गई।
पंफलेट वितरण और स्थानीय सहभागिता
शिविर में पंफलेट वितरित कर लोगों को जागरूक किया गया। इस अवसर पर अधिकार मित्र हेमा पाण्डेय भी उपस्थित रहीं। ग्रामीणों ने अभियान की सराहना करते हुए इसे युवाओं के लिए बेहद उपयोगी बताया।
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