जब भी कोई कंपनी अपने कर्मचारियों से अलग होती है, तो कारण चाहे जो भी हों, रिश्तों की गर्माहट पूरी तरह खत्म नहीं होती। कुछ ऐसा ही भाव एटरल (पूर्व में जोमैटो) के फाउंडर और वाइस चेयरमैन दीपेन्द्र गोयल की हालिया सोशल मीडिया पोस्ट में देखने को मिला, जिसने स्टार्टअप वर्ल्ड में हलचल मचा दी है।
‘जो हुआ, उसे भूल जाओ…’
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए अपने भावुक संदेश में गोयल ने साफ कहा कि कंपनी ने अपने अतीत से बहुत कुछ सीखा है। उन्होंने उन सभी लोगों को संबोधित किया जो कभी जोमैटो का हिस्सा थे — चाहे उन्होंने स्वेच्छा से कंपनी छोड़ी हो या फिर उन्हें आगे बढ़ने को कहा गया हो।
गोयल ने माना कि एक समय जोमैटो हर किसी के लिए सही जगह नहीं रही होगी। कई कर्मचारियों को न तो वैसा वर्क कल्चर मिला होगा और न ही वैसी लीडरशिप, जिसकी उन्हें ज़रूरत थी।
‘जोमैटो सिर्फ कंपनी नहीं, एक एहसास’
अपने पोस्ट में उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कई पूर्व कर्मचारियों का कंपनी के साथ गहरा भावनात्मक रिश्ता रहा है। उन्होंने लिखा कि जो अपनापन, प्यार और घर जैसा माहौल जोमैटो में मिला, वैसा अनुभव शायद हर जगह संभव नहीं होता। यही वजह है कि उनका यह संदेश महज़ औपचारिक नहीं, बल्कि बेहद व्यक्तिगत और दिल से लिखा हुआ नजर आता है।
CEO पद छोड़ने के बाद भी प्रतिबद्धता बरकरार
हालिया लीडरशिप बदलावों को लेकर उठ रहे सवालों पर भी गोयल ने खुलकर बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि भले ही वे अब जोमैटो के सीईओ नहीं हैं, लेकिन कंपनी के मूल्यों, संस्कृति और लोगों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पहले जैसी ही है।
खुला ऑफर: ‘अगर दिल अभी भी वहीं है…’
पोस्ट के अंत में दीपेन्द्र गोयल ने पूर्व कर्मचारियों को सीधा न्योता देते हुए कहा कि जिन्हें लगता है कि जोमैटो के साथ उनका सफर अधूरा है, उनके लिए दरवाज़े खुले हैं। इच्छुक उम्मीदवार back@eternal.com पर सीधे संपर्क कर सकते हैं, जहां उनकी संभावित भूमिका पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
इसे भी पढ़े- पवन खेड़ा की कोर्ट में होगी पेशी, ट्रांजिट रिमांड पर असम ले जाएगी पुलिस
