मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिसके चलते प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स 1,456.04 अंक टूटकर 74,559.24 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 436.30 अंक की गिरावट के साथ 23,379.55 पर पहुंच गया। बाजार में कमजोरी का मुख्य कारण कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, पश्चिम एशिया में जारी तनाव और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली रही।
शुरुआती कारोबार से ही दबाव में रहा बाजार
कारोबार की शुरुआत से ही घरेलू शेयर बाजार दबाव में दिखाई दिया। शुरुआती सत्र में सेंसेक्स 525.44 अंक गिरकर 75,489.84 तक पहुंच गया था। वहीं, निफ्टी भी 164.5 अंक फिसलकर 23,651.35 पर कारोबार करता नजर आया। दिनभर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहा और अंत में बड़ी गिरावट के साथ क्लोजिंग हुई।
इन शेयरों में रही सबसे ज्यादा गिरावट
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में टाटा स्टील, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और सन फार्मास्यूटिकल्स के शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी दर्ज की गई। दूसरी ओर, एनटीपीसी, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और भारती एयरटेल के शेयरों ने कुछ मजबूती दिखाई और बढ़त के साथ बंद हुए।
स्मॉलकैप और रियल्टी सेक्टर पर सबसे ज्यादा असर
व्यापक बाजार में भी भारी दबाव देखने को मिला। उच्च अस्थिरता के चलते निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स करीब 2.97 प्रतिशत टूट गया। वहीं, सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी रियल्टी में सबसे ज्यादा 3.96 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों में फिलहाल जोखिम लेने की क्षमता कमजोर हुई है।
कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता
वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में तेजी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। ब्रेंट क्रूड 0.93 प्रतिशत चढ़कर 105.2 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण तेल आपूर्ति को लेकर आशंकाएं बढ़ी हैं, जिसका असर वैश्विक वित्तीय बाजारों पर साफ दिखाई दे रहा है।
अमेरिका-ईरान तनाव से बाजार में बढ़ी अस्थिरता
ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ-टेक कंपनी एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों में जोखिम की भावना को कमजोर कर दिया है। इसके चलते शेयर और कमोडिटी बाजारों में खबरों के आधार पर तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।
डोनाल्ड ट्रंप के बयान से बढ़ी बेचैनी
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सोमवार को कहा कि ईरान के साथ युद्धविराम बेहद कमजोर स्थिति में है और मुश्किल से कायम है। उन्होंने तेहरान की ओर से आए शांति प्रस्ताव को भी पूरी तरह अस्वीकार्य बताया। ट्रंप के इस बयान के बाद वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता और बढ़ गई, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला।
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