प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन विधेयक पर होने वाली अहम वोटिंग से पहले सभी विपक्षी दलों से समर्थन देने की अपील की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि संसद में इस मुद्दे पर गहन चर्चा चल रही है, जो देर रात तक जारी रही।
भ्रम दूर करने के लिए दिए गए तर्कपूर्ण जवाब
पीएम मोदी ने बताया कि बहस के दौरान उठे हर सवाल और आशंका का तर्कसंगत जवाब दिया गया है। जिन बिंदुओं पर जानकारी की कमी थी, उन्हें भी स्पष्ट किया गया है ताकि सभी सांसद तथ्यात्मक आधार पर निर्णय ले सकें।
चार दशक की राजनीति के बाद निर्णय का समय
प्रधानमंत्री ने कहा कि महिला आरक्षण का मुद्दा पिछले करीब 40 वर्षों से राजनीति का केंद्र रहा है। अब समय आ गया है कि देश की आधी आबादी को उनका अधिकार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी महिलाओं की निर्णय प्रक्रिया में सीमित भागीदारी चिंता का विषय है।
सभी दलों से संवेदनशील निर्णय लेने की अपील
लोकसभा में मतदान से पहले पीएम मोदी ने सभी सांसदों से अपील की कि वे इस मुद्दे पर संवेदनशीलता के साथ विचार करें और महिला आरक्षण के पक्ष में मतदान करें। उन्होंने कहा कि कोई भी ऐसा कदम न उठाया जाए जिससे नारीशक्ति की भावनाओं को ठेस पहुंचे।
नारीशक्ति को सशक्त बनाने का ऐतिहासिक अवसर
प्रधानमंत्री ने देश के सांसदों से कहा कि वे अपने परिवार की महिलाओं—मां, बहन, बेटी और पत्नी—का स्मरण करते हुए अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनें। उन्होंने इसे नारीशक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण का बड़ा अवसर बताया।
सर्वसम्मति से पारित होने पर मजबूत होगा लोकतंत्र
पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि यदि यह संशोधन सर्वसम्मति से पारित होता है, तो इससे देश की महिलाओं को नए अवसर मिलेंगे और लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा। उन्होंने सभी दलों से मिलकर इतिहास रचने की अपील की।
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