28 फरवरी से जारी अमेरिका और ईरान के बीच तनावपूर्ण संघर्ष आखिरकार एक अहम कूटनीतिक समझौते (एमओयू) पर खत्म हो गया। इस समझौते ने न सिर्फ मध्य पूर्व की राजनीति को नया मोड़ दिया है, बल्कि वैश्विक व्यापार और समुद्री सुरक्षा को लेकर भी नई बहस छेड़ दी है। समझौते के तुरंत बाद अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों और तेल टैंकरों पर लगाई गई अपनी नाकेबंदी हटाने का फैसला किया, जबकि ईरान ने इसे अपनी “ऐतिहासिक जीत” बताया।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का सख्त रुख
दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान ने कड़ा संदेश दिया है। तेहरान ने साफ कहा है कि जहाजों की सुरक्षा के नाम पर किसी भी यूरोपीय नौसैनिक मिशन की मौजूदगी स्वीकार नहीं की जाएगी।
इसके साथ ही ईरान ने एक और बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अमेरिका के साथ जारी 60 दिनों की वार्ता अवधि समाप्त होने के बाद इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों से “समुद्री टैक्स” वसूला जाएगा। माना जा रहा है कि यह कदम पश्चिमी देशों की रणनीतिक और आर्थिक योजनाओं को प्रभावित कर सकता है।
लेबनान को लेकर जारी है तनाव
इस पूरे घटनाक्रम के बीच लेबनान का मुद्दा अब भी संवेदनशील बना हुआ है। इज़राइली अखबार ‘येदिओथ अहरोनोथ’ की रिपोर्ट के मुताबिक, इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि दक्षिणी लेबनान में सुरक्षा क्षेत्र तब तक कायम रहेगा, जब तक इज़राइल की सुरक्षा जरूरतें पूरी नहीं हो जातीं।
रिपोर्ट के अनुसार, इज़राइली सेना सीमा से लगे लेबनान के 600 वर्ग किलोमीटर से अधिक इलाके में मौजूद है। वहीं नेतन्याहू ने दोहराया कि इज़राइल किसी भी स्थिति में ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा।
ईरान ने इज़राइल से मांगा पूर्ण पीछे हटना
ईरान ने लेबनान की क्षेत्रीय अखंडता का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी समझौते के लिए इज़राइल का पूरी तरह पीछे हटना जरूरी है। तेहरान का मानना है कि इस दिशा में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका अहम होगी। दूसरी ओर, ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका मध्य पूर्व में व्यापक युद्धविराम की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि सभी पक्षों को बातचीत को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता निभानी चाहिए।
खामेनेई ने दी समझौते को मंजूरी
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने भी इस समझौते को मंजूरी दे दी है। उन्होंने ट्रंप प्रशासन के साथ प्रत्यक्ष बातचीत का समर्थन करते हुए कहा कि अमेरिका ने दबाव और बेचैनी के बीच यह समझौता किया। बताया जा रहा है कि मार्च में अपने पिता की हत्या के बाद सत्ता संभालने के बाद से खामेनेई सार्वजनिक मंचों पर बहुत कम दिखाई दिए हैं।
युद्धविराम के बीच भी जारी हमले
हालांकि समझौते और युद्धविराम की कोशिशों के बावजूद जमीनी हालात अब भी सामान्य नहीं हैं। गुरुवार सुबह तक लेबनान में इज़राइली ड्रोन हमले और तोपखाने की गोलाबारी जारी रही। वहीं हिज़्बुल्लाह ने कफ़र तेबनित-अली अल-ताहेर इलाके में इज़राइली सेना पर कई हमलों की जिम्मेदारी ली है। इन घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या यह समझौता वास्तव में शांति की दिशा में कदम है या फिर क्षेत्रीय तनाव को और जटिल बना सकता है।
जेडी वेंस का इज़राइल पर तंज
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने व्हाइट हाउस में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान इज़राइल की आलोचना करने वालों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप इस समय दुनिया के ऐसे इकलौते बड़े नेता हैं जो इज़राइल के प्रति खुलकर सहानुभूति रखते हैं। वेंस ने यह भी कहा कि यदि वह इज़राइली कैबिनेट का हिस्सा होते, तो अपने सबसे मजबूत सहयोगी के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाते। हालांकि उनकी इस टिप्पणी पर इज़राइल की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
खबर आपको कैसी लगी, comment box में अवश्य लिखें। वेबसाइट को सब्सक्राइब और लाइक करना भी नहीं भूलें
इसे भी पढ़े- पवन खेड़ा की कोर्ट में होगी पेशी, ट्रांजिट रिमांड पर असम ले जाएगी पुलिस

