ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में तेजी से वायरल हो रहे हैं। तेहरान में आयोजित अंतिम नमाज और श्रद्धांजलि कार्यक्रम में देश के कई बड़े राजनीतिक, धार्मिक और सैन्य चेहरे शामिल हुए। हालांकि, सबसे ज्यादा चर्चा उनके संभावित उत्तराधिकारी और मौजूदा सुप्रीम लीडर मोज्तबा खामेनेई की अनुपस्थिति को लेकर हो रही है।
अंतिम नमाज में शामिल हुए खामेनेई के अन्य बेटे
न्यूज एजेंसी AP की रिपोर्ट के अनुसार, अली खामेनेई के बेटे मसूद, मेयसाम और मुस्तफा अंतिम नमाज में मौजूद रहे। इसके अलावा इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के वरिष्ठ कमांडर अहमद वहीदी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
रिपोर्ट में बताया गया कि मोज्तबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से अंतिम संस्कार में नजर नहीं आए। इसे लेकर ईरान और अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
सुरक्षा कारणों से सार्वजनिक रूप से नहीं आए मोज्तबा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल की ओर से संभावित खतरे और सुरक्षा एजेंसियों की चेतावनी के बाद मोज्तबा खामेनेई को सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रहने की सलाह दी गई थी। सुरक्षा अधिकारियों ने उनके अंतिम संस्कार में खुले तौर पर शामिल होने को जोखिम भरा माना।
इसी वजह से उन्होंने सार्वजनिक मंच पर उपस्थिति दर्ज नहीं कराई। माना जा रहा है कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव और ईरान-इजरायल के बीच चल रहे विवाद के चलते सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई थी।
वरिष्ठ धार्मिक नेता ने पढ़ाई अंतिम नमाज
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार, देश के प्रमुख धार्मिक नेता आयतुल्ला जाफर सोभानी ने अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके परिवार के चार अन्य सदस्यों की अंतिम नमाज अदा कराई। तेहरान में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समर्थक और आम नागरिक भी पहुंचे, जिन्होंने पूर्व सुप्रीम लीडर को श्रद्धांजलि दी।
राष्ट्रपति समेत कई दिग्गज नेता रहे मौजूद
अंतिम संस्कार में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ और न्यायपालिका प्रमुख गुलामहुसैन मोहसनी एजेई ने भी हिस्सा लिया। इसके अलावा IRGC की कुद्स फोर्स के कमांडर इस्माइल क़ानी की मौजूदगी भी देखने को मिली। राजधानी तेहरान में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और कई इलाकों में विशेष निगरानी रखी गई।
ट्रंप और नेतन्याहू के बयान ने बढ़ाई हलचल
इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बयान भी चर्चा में आ गया। Axios से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि उनके और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के रिश्ते मजबूत हैं। ट्रंप ने कहा, “नेतन्याहू जानते हैं कि बॉस कौन है।” इस बयान को पश्चिम एशिया की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों ने बदला समुद्री रास्ता
क्षेत्रीय तनाव के बीच समुद्री गतिविधियों पर भी असर दिखाई दिया। जहाजों की निगरानी करने वाली कंपनी विंडवर्ड के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे चार जहाजों ने अपना मार्ग बदल लिया।
रिपोर्ट में कहा गया कि दो जहाज वापस लौट गए, जबकि अन्य दो जहाजों ने ओमान के दक्षिणी समुद्री मार्ग की बजाय ईरान के करीब वाले मध्य समुद्री रास्ते का चयन किया।
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